बेला भाटिया मामला: आईजी से मदद मांगी, 'जवाब मिला-एफ़ यू'

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- Author, दिव्या आर्य
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
छत्तीसगढ़ में बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) एसआरपी कल्लूरी पर आरोप लगा है कि उन्होंने बस्तर में काम कर रही सामाजिक कार्यकर्ता बेला भाटिया की मदद की अपील के जवाब में कुछ अभद्र संदेश भेजे हैं.
बेला भाटिया के घर पर सोमवार को क़रीब 30 अज्ञात लोगों ने हमला कर उन्हें बस्तर छोड़ देने की धमकी दी थी.
बीबीसी से बातचीत में आईजी कल्लूरी ने ये संदेश भेजने से साफ़ तौर पर इनकार तो नहीं किया पर कहा, "कोई अफ़सर ऐसा करता है क्या, और हमारे फ़ोन में भी कई संदेश हैं, हम भी रिपोर्ट कर रहे हैं, उन्हें भी रिपोर्ट करने दीजिए, हम साइबर एक्सपर्ट से पूरी जांच करवा रहे हैं."

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इस बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर बेला भाटिया का समर्थन किया है. उऩ्होंने लिखा है, "हिंसा कभी भी सच्चाई का मुंह बंद नहीं कर सकी है. मैं बेला भाटिया और उन सभी लोगों के साथ खड़ा हूं जो छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं."

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देश के अलग-अलग इलाकों में काम कर रहे वकीलों और समाजसेवियों ने आईजी कल्लूरी को मदद की अपील के संदेश भेजे थे.
सुप्रीम कोर्ट में वकील प्योली स्वातिजा के मुताबिक़ उनके संदेश के जवाब में आईजी कल्लूरी ने लिखा, "नक्सलियों को बस्तर से निकाल बाहर किया जाएगा."

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प्योली का कहना था कि इसके जवाब में जब उन्होंने पूछा, "आपके जवाब का मेरे सवाल से क्या लेना-देना है. कृपया आदिवासियों, एक्टिविस्ट्स, शिक्षाविदों और पत्रकारों का उत्पीड़न बंद कीजिए", तो जवाब आया "एफ़ यू".
बीबीसी से बातचीत में प्योली ने कहा, "मैं सुप्रीम कोर्ट में वकील हूं और दिल्ली में अपने सुरक्षित कमरे में बैठकर ये संदेश भेज रही थी, अगर वो मुझसे इतनी अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं तो ये बेहद ख़तरनाक है."

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प्योली ने कहा कि वो फ़ोन से लिए स्क्रीन-ग्रैब के बल पर फ़ौजदारी मुक़दमा करेंगी और विभागीय जांच की भी मांग करेंगी.
पिछले साल बस्तर में 'जगदलपुर लीगल एड ग्रुप' के नाम से काम कर रहीं महिला वक़ीलों को भी इलाका छोड़ने के लिए धमकाया गया था.

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इस संगठन के साथ काम कर चुकीं गुनीत कौर को भी बेला भाटिया के लिए संदेश भेजने पर आईजी कल्लूरी का अभद्र जवाब आया, "स्टॉप बिचिंग".
इस संगठन से अब भी छत्तीसगढ़ में काम कर रहीं ईशा खंडेलवाल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि धमकियों के बावजूद उन्होंने बस्तर में अपना काम जारी रखा है.
बेला के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा की अपील का संदेश उन्होंने भी आईजी कल्लूरी को भेजा था.

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उनके मुताबिक उन्हें जवाब मिला, "जी. बहुत जल्द माओवादी और उनके कुत्तों को बस्तर से बाहर फेंक दिया जाएगा. हम कड़े कदम उठाएंगे."
ईशा के मुताबिक इन संदेशों से बड़ा सवाल ये उठता है कि, 'बेशर्मी तो है ही, पर आईजी स्तर के पुलिस अधिकारी का महिलाओं के साथ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने का मतलब है कि उन्हें किसी का डर नहीं है, ये उनकी ताक़त दिखा रहा है.'
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