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'फ़िदेल की विरासत संभालें क्रांतिकारी'
क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फ़िदेल कास्त्रो के निधन की ख़बर आने के बाद दुनिया भर के नेताओं की तरफ़ से शोक संदेश आने शुरू हो गए हैं.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट के ज़रिए शोक जताया. उन्होंने लिखा. ''फ़िदेल कास्त्रो के निधन पर मैं क्यूबा की सरकार और लोगों के प्रति गहरी संवेदना जताता हूं.''
मेक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना नीटो ने कहा कि कास्त्रो, मेक्सिको के 'महान दोस्त' थे. इक्वाडोर के राष्ट्रपति सल्वाडोर सांचेज़ केरेन ने उन्हें शानदार साथी बताया.
लेकिन अमरीकी स्टेट फ़्लोरिडा के मियामी में कुछ लोग कास्त्रो के निधन पर ख़ुशी जता रहे हैं. लोगों ने तेज़ आवाज़ में हॉर्न बजाए और पटाखे चलाए.
शहर के 'लिटल हवाना' ज़िले में क्यूबाई मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं. ये लोग 'क्यूबा सी, कास्त्रो नो' के नारे लगा रहे थे. पुलिस को कुछ व्यस्त सड़कें बंद करनी पड़ी.
उधर वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा कि 'दुनिया भर के क्रांतिकारियों को उनकी विरासत का पालन करना चाहिए.'
पूर्व सोवियत नेता मिखाइल गोर्बाचोव ने कहा, "फ़िदेल डटे रहे और अपने देश को उस वक़्त मज़बूत बनाया जब अमरीका की तरफ़ से सख़्त पाबंदियां लगाई गई थीं. उस समय उन पर भारी दबाव हुआ करता था."
दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति जैकब ज़ुमा ने कहा कि कास्त्रो ने ना केवल क्यूबाई जनता बल्कि दुनिया भर के उन लोगों के लिए अपना जीवन लगा दिया, जो संकट में थे.