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'कोई है जो जस्टिस काटजू को बाहर ले जाए'
हिंदुस्तान टाइम्स के पहले पन्ने पर सुप्रीम कोर्ट में पूर्व जज जस्टिस मार्केंडेय काटजू और जस्टिस गोगोई के बीच हुई बहस को जगह दी गई है.
साल 2011 में हुए सौम्या बलात्कार और हत्याकांड केस में जस्टिस काटजू ने अपने ब्लॉग में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की आलोचना की थी.
अदालत ने मामले के एक दोषी की मौत की सज़ा को नकार दिया था.
अख़बार कहता है कि अदालत ने काटजू को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया था जिसकी सुनवाई के दौरान जस्टिस गोगोई ने कहा "आपकी आलोचना फ़ैसले के ख़िलाफ़ नहीं बल्कि जजों पर हमला प्रतीत होती है."
'हिंदुस्तान टाइम्स' के मुताबिक़ इस पर जस्टिस काटजू ने कहा, "मुझे डराइए मत जस्टिस गोगोई. सुप्रीम कोर्ट के जजों को ऐसा बरताव नहीं करना चाहिए."
जिसके जवाब में जस्टिस गोगोई के उस बयान को अख़बार ने छापा है जिसमें वो कह रहे हैं, "कोई है जो जस्टिस काटजू को बाहर ले जाए."
इसी अख़बार की एक और मुख्य ख़बर के मुताबिक़ हरियाणा के साथ पानी विवाद के मद्देनज़र पंजाब एक नया बिल लाने की तैयारी में है जिससे ये विवाद और गहरा सकता है.
वहीं द इंडियन एक्सप्रेस समेत कई और अख़बारों ने भारत और जापान के बीच हुए असैन्य परमाणु समझौते को पहले पन्ने पर जगह दी है.
ये समझौता इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि जापान के साथ ये परमाणु डील करने वाला भारत ऐसा पहला देश बन गया है जिसने परमाणु अप्रसार संधि पर दस्तख़त नहीं किए हैं.
इसके अलावा पुराने नोट बदलवाने आए लोगों की बैंकों में भीड़ और एटीएम के काम ना करने की शिकायतों वाली ख़बर भी अख़बार ने अपने पहले पन्ने पर छापी है. अख़बार के मुताबिक़ देश भर के लगभग 60 फ़ीसदी एटीएम काम नहीं कर रहे हैं.
अमर उजाला ने पहले पन्ने पर चिंकारा शिकार मामले संबंधित ख़बर को जगह दी है.
अभिनेता सलमान ख़ान को बरी किए जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ राजस्थान सरकार ने जो याचिका लगाई है सुप्रीम कोर्ट ने उसकी सुनवाई करने का फ़ैसला किया है.
अख़बार ने इस ख़बर के लिए हेडलाइन लगाई है, "सलमान के सामने फिर उठ खड़ा हुआ चिंकारा, सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई"
दैनिक भास्कर की ख़बर के मुताबिक नशीले पदार्थों के सेवन की वजह से प्रतिबंध झेल रहीं टेनिस स्टार मारिया शारापोवा को प्रतिबंध समाप्ति के बाद संयुक्त राष्ट्र अपना सद्भावना दूत बनाएगा. शारापोवा पर लगा ये बैन अगले साल अप्रैल में ख़त्म हो जाएगा.