|
हेमिंग्वे से जुड़े दस्तावेज़ सौंपे जाएँगे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्यूबा में अधिकारियों ने कहा है कि दिवंगत अमरीकी लेखक अर्नेस्ट हेमिंग्वे के हज़ारों दस्तावेज़ की प्रतिलिपि अमरीका ले जाने की अनुमति दे दी गई है. क्यूबा के इस क़दम को दोनों देशों के बीच सहयोग के असाधारण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है. उल्लेखनीय है कि अमरीका ने क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रखा है. ये दस्तावेज़ हवाना के पास फिन्सा विजिया में हेमिंग्वे के घर में रखे हुए हैं. दस्तावेज़ों में हेमिग्वे के लिखे दो हज़ार पत्र, कई पांडुलिपियां और एक हज़ार से अधिक फोटोग्राफ़ शामिल हैं. इसके अलावा हेमिग्वे की पूरी लाइब्रेरी भी इन दस्तावेज़ों में है जिसमें नौ हज़ार किताबें हैं. इन किताबों के पन्नों पर हेमिंग्वे के नोट्स भी हैं जो शायद उन्होंने इन किताबों को पढ़ते समय लिखे होंगे. दस्तावेज़ों की प्रतिलिपि बोस्टन स्थिति जॉन एफ़ केनेडी पुस्तकाल को सौंपी जाएगी. यहाँ पहले ही हेमिंग्वे से जुड़ी अनेक चीज़ें मौजूद हैं. क्यूबा से रिश्ता हेमिंग्वे 1939 से 1960 तक क्यूबा में रहे थे और इसी दौरान उन्होंने 'द ओल्ड मैन एंड द सी' नामक उपन्यास लिखा था. इसी उपन्यास पर उन्हें पुलित्ज़र पुरस्कार मिला. बाद में हेमिंग्वे को साहित्य के नोबेल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया. पिछले महीने अमरीका ने हेमिग्वे के क्यूबा स्थित घर को ऐतिहासिक स्थलों में शामिल किया था और इसी के तहत हेमिंग्वे से जुड़े दस्तावेज़ों को अमरीका लाने की कोशिश की जा रही है. अमरीका ने क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं और दोनों देशों के बीच किसी भी मुद्दे पर इस तरह का सहयोग बहुत मुश्किल होता है लेकिन शायद हेमिंग्वे ने नाम ने दोनों देशों को सहयोग पर मज़बूर कर दिया है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||