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नकली शादियाँ कराने वाले गिरोह को सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के लेस्टर में नकली शादियाँ कराने वाले एक गिरोह के 25 लोगों को कुल मिलाकर पैंतीस साल की कैद की सज़ा सुनाई गई है. इस गिरोह के मुखिया, लेस्टर के सलीम मुल्लाह और लंदन के इब्राहिम उमरजी ने स्वीकार किया कि वे आप्रवासियों को देश में गैरकानूनी रूप से देश में आने में मदद करते थे. उन्होंने लेस्टर की क्राउन अदालत को बताया कि ऐसा ब्रिटेन के आप्रवासी कानून को मात देने के इरादे से किया गया. इस जुर्म के लिए दोनों को चार-चार साल की कैद की सज़ा सुनाई गई. इस सिलसिले में एक महिला को भी सज़ा सुनाई गई है, हालाँकि उनके मामले में फिलहाल सज़ा लागू नहीं की गई है. इसके अलावा सलीम मल्लाह की बीवी को भी बेहिसाब पैसा जमा करने के जुर्म में एक साल की सज़ा दी गई है.
इस मामले में एक नकली दुल्हन की पांच साल के अंदर छह लोगों से शादी कराई गई. सोमवार को इन 26 लोगों को सज़ा सुनाते हुए जज साइमन हैमंड ने कहा, "साफतौर पर ये ग़लत लोगों को देश में प्रवेश दिलाने के लिए एक सोची-समझी साज़िश थी. इसमें शामिल सभी लोगों को पता था कि वो ग़ैरकानूनी काम कर रहे हैं." उन्होंने कहा," ये धोखाधड़ी थी और इससे सही लोगों ने अपना अवसर खोया. इस फैसले से बाक़ी लोगों को सब़क मिलेगा कि वो इस धंधे से दूर रहें. ज़ाहिर है कि इसमें शामिल ब्रितानवी नागरिकों का मक़सद पैसा था और भारतीय नागरिकों को ब्रिटेन में रहने की योग्यता पाने की चाहत." जेल में डाले गए लोगों में से 14 महिलाऐं हैं, जिनमें से कई अकेली मांऐं है. इनमें से कुछ को पैसों के लिए तो कईयों को ज़बरदस्ती इस काम में लगाया गया था. इब्राहिम उमरजी के बारे में अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, " वो इस धंधे का अहम खिलाड़ी था. उसकी अपनी क़ौम में इज़्ज़त थी, लेकिन उसने उसी ओहदे का ग़लत इस्तेमाल किया." इस गिरोह ने भारत और ब्रिटेन में कुल मिलाकर 36 शादियाँ कराईं. |
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