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बड़े हस्ताक्षरों की अनोखी प्रदर्शनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली में इन दिनों एक अनोखी प्रदर्शनी चल रही है जिसमें दुनिया भर के कई बड़ी हस्तियों के ऑटोग्राफ़ यानी हस्ताक्षर रखे गए हैं. इसमें महात्मा गाँधी, अल्बर्ट आंस्टाइन, मर्लिन मुनरो, डॉन ब्रैडमैन और नेल्सन मंडेला से लेकर रविंद्र नाथ टैगोर तक एक हज़ार से अधिक दुर्लभ हस्ताक्षर हैं. 'ऑटोग्राफ़ेक्स -2004' नाम की यह प्रदर्शनी दिल्ली के आईफ़ैक्स कलादीर्घा में लगी है और इसका आयोजन किया है 'ऑटोग्राफ़ कलेक्टर्स क्लब ऑफ़ इंडिया' ने. यह इस तरह की पहली राष्ट्रीय प्रदर्शनी है. देश के कुछ हस्ताक्षर एकत्रित करने वालों ने तरह-तरह के हस्ताक्षर एकत्रित किए हैं.
'ऑटोग्राफ़ कलेक्टर्स क्लब ऑफ़ इंडिया' क्लब के अध्यक्ष एसएस हितकारी ने विभिन्न कलाकारों से गणेश का रेखाचित्र बनवाकर उनके हस्ताक्षर लिए हैं. तो गोस्था बिहारी डे ने अपने बनाए बड़े लोगों के स्केच पर उनके हस्ताक्षर लिए हैं. किसी ने ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त लोगों के हस्ताक्षर लिए हैं तो किसी के पास खेलों को आधार बनाकर एकत्रित किए हुए हस्ताक्षर हैं. विजय देशपांडे के पास जेआरडी टाटा, मदर टेरेसा, पेले और सर एडमंड हिलेरी जैसे हस्ताक्षरों का भंडार है और हर हस्ताक्षर से जुड़ी कहानियाँ भी हैं. कोलकाता के फ़ोटोग्राफ़र प्रशांत अरोड़ा का संग्रह तो सबसे अलग है. उनको अपनी खींची हुई तस्वीरों पर हस्ताक्षर लेने का शौक है. उन्होने 1800 से ज़्यादा लोगों की तस्वीरें एकत्रित की हैं, उनके हस्ताक्षरों सहित.
उन्होंने बीबीसी से बात करते हुए बताया, " अलग किस्म की परेशानियाँ और कहानियाँ हैं, बिस्मिल्ला खाँ की तस्वीर पर ह्स्ताक्षर लेने के लिए मैंने नौ साल का इंतज़ार किया तो रानी मुखर्जी की तस्वीर पर हस्ताक्षर सिर्फ़ 45 मिनट में ले लिए थे." कैप्टन वी शंकर ने डॉन ब्रैडमैन और सचिन की तस्वीर पर दोनों के हस्ताक्षर लिए हैं. उनका कहना है कि इसके लिए उन्होंने तस्वीर पहले ब्रैडमैन के पास भेजी फिर तीन महीने बाद जब तस्वीर वापस आ गई तो सचिन के चेन्नई आने का इंतज़ार किया. प्रदर्शनी में राजा महाराजाओं से लेकर कलाकारों और खिलाड़ियों तक सभी के सैकड़ों हस्ताक्षर हैं. |
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