|
मुंक की बेशक़ीमती पेंटिंग की चोरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नॉर्वे में हथियारबंद लुटेरे एडवर्ड मुंक की विश्व प्रसिद्ध पेंटिंग 'द स्क्रीम' समेत दो पेंटिंग लूट कर ले भागे हैं. लुटेरों ने ओस्लो के मुंक म्यूज़ियम से 'मैडोना' नामक एक अन्य मशहूर पेंटिंग पर भी अपना हाथ साफ किया. दोनों पेंटिंग की क़ीमत कोई दो करोड़ डॉलर बताई जाती है. म्यूज़ियम के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि दो नक़ाबपोश लुटेरे स्थानीय समयानुसार दिन के 11 बजे वहाँ पहुँचे. एक लुटेरे ने पिस्तौल से म्यूज़ियम कर्मचारियों को धमकाया और दर्शकों के सामने दोनों पेंटिंग दीवार से उतार चलते बने. म्यूज़ियम के बाहर उनके इंतज़ार में एक कार पहले से ही खड़ी थी. नक़ाबपोश लुटेरे म्यूज़ियम की प्रेस अधिकारी योरन क्रिस्टोफ़रसन ने कहा, "म्यूज़ियम में क्लोज-सर्किट कैमरे लगे हुए हैं जिन पर सारी घटना रिकॉर्ड होगी, लेकिन दोनों अपराधी बैंक लुटेरों की तरह काली नक़ाब लगाए हुए थे." मौक़े पर मौजूद एक फ़्रांसीसी रेडियो पत्रकार फ़्रैंकोस कैसटैंग ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "बड़ी आश्चर्यजनक बात है कि म्यूज़ियम में पेंटिंग की सुरक्षा के लिए अलार्म जैसे कोई इंतज़ाम नहीं हैं. पेंटिंग सीधे एक तार से दीवार में टंगे थे." इस बार में म्यूज़ियम की अधिकारी क्रिस्टोफ़रसन ने कहा कि सुरक्षाकर्मी पेंटिंग से ज़्यादा दर्शकों की सुरक्षा पर ध्यान देते हैं. उन्होंने कहा, "जब सुरक्षाकर्मियों पर बंदूक तान दी गई तो कुछ नहीं किया जा सकता था." मुंक ने 1893 में स्क्रीम सिरीज़ की कई पेंटिंग तैयार की थीं. उनमें से एक पेंटिंग को नेशनल गैलरी से 1994 में चुराया गया था, जिसे बाद में ओस्लो के पास बरामद कर लिया गया था. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||