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भारत पर केंद्रित पत्रिका 'फ़्रांसीसी' में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया भर के फ्रांसीसी बोलने वाले 53 देशों के रहने वालों को भारत की अब एक नई तस्वीर दिखेगी. फ्रांस की एक मीडिया कंपनी मीडिया-इंडिया ने 'इंडस' नाम की एक मासिक पत्रिका शुरू की है. इंडस इन देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और भारत प्रेमियों को भारत की ताज़ा ख़बरें देगी. फ्रांस में भारत की राजदूत सावित्री कुनाडी ने पेरिस में हुए एक बड़े कार्यक्रम में इंडस का उदघाटन किया. उन्होंने मीडिया-इंडिया की पहल का स्वागत किया. कुनाडी ने कहा, "फ्राँस में भारत के बारे में न तो सही न ही उपयुक्त समाचार उपलब्ध है. ऐसी स्थिति में हमें मीडिया-इंडिया की इस पहल का स्वागत और समर्थन करना चाहिए क्योंकि उनकी पत्रिका इस स्थिति में कुछ बदलाव लाने की कोशिश करेगी." आवाज़ मीडिया इंडिया के अनुसार इंडस भारत की आवाज़ बनकर दुनिया भर के फ्राँसीसी बोलने वाले देशों में जाएगी. इंडस के संपादक रणवीर नायर ने कहा, "मैं पिछले छह वर्षों से फ्रांस में रह रहा हूँ, इस दौरान मैनें यह देखा कि भारत की छवि फ्रांस और निकट के देशों में बहुत ही कमज़ोर और ग़लत थी." फ़्रांस में भारत की राजदूत सावित्री कुनाडी ने कहा "इंडस के पहले अंक को देखकर लगता है कि इसमें वह सब कुछ है जो भारत की एक सच्ची छवि में होनी चाहिए. इस पत्रिका से फ्रांसीसी बोलने वाले देश के लोगों को भारत से विभिन्न तरह के समाचार मिलेंगे, चाहे वो नई तकनीक हो, आईटी हो, राजनीति, सिनेमा और संस्कृति हो." मीडिया इंडिया की पहल का स्वागत फ्राँसीसी सरकार ने भी किया है. भारत में फ्रांस के राजदूत डोमिनिक गिरार्ड ने इंडस के पहले अंक में अपने एक लेख में इस पत्रिका के शुरू किए जाने का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि ये पत्रिका भारत और फ्रांस के आपसी संबंधों को भी बढ़ावा देगी और फ्राँस में रहने वालों को भारत के एक नए पहलू से अवगत कराएगी. |
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