|
भारत में इलाज करवाएँगे मेहदी हसन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रख्यात गज़ल गायक मेहदी हसन अपने इलाज के लिए भारत जाएंगे. साढ़े तीन साल पहले उनके शरीर का दाहिना हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था. इसके बाद से वे अपने इलाज को लेकर परेशान हैं क्योंकि उनके इलाज में पैसे की दिक़्क़त हो रही है. उनके बेटों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार उनके इलाज के लिए पैसों की घोषणा तो करती है लेकिन उसपर अमल नहीं होता. मगर अब भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मेहदी हसन को पत्र लिखा है और उन्हें भारत आने का निमंत्रण भी दिया है. लाहौर प्रेस क्लब में मेहदी हसन के पुत्र आरिफ़ मेहदी ने बताया कि उनके पिता मई की शुरुआत में भारत जा रहे हैं. मेहदी हसन दिल्ली में एक आयुर्वेदिक अस्पताल में अपना इलाज़ कराएंगे. सरकारी मदद नहीं शहंशाह-ए-ग़ज़ल कहे जानेवाले 74 वर्षीय मेहदी हसन ने लाहौर में पत्रकारों से मुलाक़ात की. लाहौर प्रेस क्लब में अपनी गाड़ी से वे एक व्हील चेयर पर बैठकर उतरे. वह पान खा रहे थे और उन्होंने सफेद पाजामा और मोतिया रंग का बोस्की का कढ़ा हुआ कुर्ता और काली कढ़ी हुई वास्केट पहनी हुई थी. उनके बेटे आरिफ़ और आसिफ़ मेहदी उनके साथ थे. आसिफ़ मेहदी ने कहा,"सरकार ने आर्थिक सहायता की कई घोषणाएं कीं और अख़बारों में इसके लिए विज्ञापन भी दिए लेकिन हक़ीकत में उन्हें कोई भी रक़म नहीं दी गई." उन्होंने कहा, "या तो ऐसी घोषणाएँ की ही ना जाएँ या फिर उनपर अमल भी किया जाए." उन्होंने बताया कि मेहदी हसन फ़िलहाल अपने खर्च पर ही इलाज कराने भारत जा रहे हैं. आसिफ़ ने कहा,"हम देखेंगे कि अब वहां कोई उनकी सहायता के लिए आगे आता है या नहीं." फ़िलहाल मेहदी हसन का इलाज आग़ा ख़ान अस्पताल में हो रहा है. रो पड़े मेहदी हसन
अपने बहुत से शार्गिदों से घिरे मेहदी ने बार-बार पत्रकारों का शुक्रिया अदा किया और कहा,"मुझे आपकी चाहत है, आपको मेरी चाहत है और यह चाहत हमेशा यूं ही रहेगी." ये कहते हुए वे रोने लगे और इसके बाद उन्होंने दो बार बोलने की कोशिश की मगर उनके आँसू जारी रहे. मेहदी हसन ने कहा,"आप मुझसे हैं और मैं आपसे हूँ, आपने मुझ नाचीज़ को सम्मान दिया है,इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. यह आपकी मेहरबानी है कि आप मुझे इतना कुछ समझते हैं." व्हील चेयर पर बैठे हुए मेहदी हसन ने कहा कि ज़िंदगी रही तो सेवा करता रहूंगा. मेहंदी हसन के बड़े बेटे आरिफ मेहदी ने बताया कि साढ़े तीन साल बाद मेहदी हसन तीन दिन के लिए लाहौर आए हैं ताकि पुराने लोगों से मुलाकात हो सके क्योंकि मई में वह भारत चले जाएंगे. पैसे की तंगी आरिफ मेहदी ने बताया कि 15 सालों से मेहदी हसन को अपने किसी काम की रॉयल्टी नहीं मिल रही है. इसकी वजह यह है कि पाकिस्तान में रॉयल्टी का सिलसिला ही ख़त्म हो गया है. उन्हें अब रेडियो वगैरह से भी उनके गाये हुए गानों के पैसे नहीं मिलते. उन्होंने बताया, "दो साल पहले तत्कालीन पीटीवी चेयरमैन अनवर महमूद ने मेहदी हसन के लिए पचास हजार रुपए देने की घोषणा की थी लेकिन कई बार पता करने के बावजूद भी वह पैसे आज तक नहीं मिले." आरिफ़ ने कहा कि सिंध के राज्यपाल इशरत अलइबाद ने भी एक लाख रुपए देने का ऐलान तो किया था लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं दिया गया है. राज्यपाल ने उनका इलाज कराची सिविल अस्पताल में भी कराने का भी वादा किया था लेकिन वहां मेहदी हसन को अबतक नहीं ले जाया गया है. नाकाम कोशिशें आरिफ़ हसन ने कहा कि भारत के ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह ने कराची में एक कार्यक्रम में मेहदी हसन के इलाज के लिए और दूसरे कलाकारों की भी सहायता के लिए उनके नाम पर एक ट्रस्ट बनाने की घोषणा की थी. इसके लिए एक करोड़ रुपए जमा किए गए थे लेकिन वह कहां गए, इसका आज तक पता नहीं चल सका है. आरिफ मेहदी ने कहा,"दो वर्ष पहले उन्होंने कराची में मेहदी हसन के इलाज के लिए संगीत पर आधारित एक कार्यक्रम कराने का इंतज़ाम किया लेकिन कलाकारों से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने इसको नज़रअंदाज कर दिया." आरिफ मेहदी ने कहा कि जब मेहदी हसन को लाहौर में लकवा हुआ तो पंजाब के राज्यपाल ने उनके इलाज के लिए सरकारी सहायता की घोषणा की थी. लेकिन इस पर भी अमल नहीं हुआ क्योंकि शेख़ ज़ैद अस्पताल से यह बात राज्यपाल पर और राज्यपाल कार्यालय से केन्द्रीय सरकार पर टाली जाती रही. मेहदी हसन के बेटों ने लोगों से निवेदन किया कि वह उनकी सेहत के लिए दुआ करें. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||