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घरेलू हिंसा की शिकार एशियाई महिलाएँ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में घरेलू हिंसा का शिकार बनी एशियाई महिलाओं के ऊपर एक कला प्रदर्शनी आयोजित की गई है. 'बिहाइन्ड क्लोज़्ड डोर्स' नामक इस प्रदर्शनी की प्रमुख विशेषता ये है कि तस्वीरें स्वयं घरेलू हिंसा की शिकार एशियाई महिलाओं ने खींची है. इसके लिए महिलाओं को फ़ोटोग्राफ़ी के वर्कशॉप में प्रशिक्षण दिया गया था. प्रदर्शनी का आयोजन ब्रितानी ग़ैरसरकारी संस्था बर्नार्डोज़ ने दिल्ली पुलिस की संस्था नवज्योति के सहयोग से किया है. शुक्रवार को प्रदर्शनी के उदघाटन समारोह में भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी किरन बेदी और हिंदी फ़िल्मों की अभिनेत्री नन्दिता दास भी उपस्थित थीं.
नन्दिता ने कहा कि घर की चारदिवारियों के बीच होने वाली हिंसा के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना हर औरत का फ़र्ज़ है. 'टंग्स ऑन फ़ायर' एशियाई महिला फ़िल्म समारोह के हिस्से के रूप में यह प्रदर्शनी 12 मार्च तक लंदन के नेहरू सेंटर में आयोजित की गई है. 'टंग्स ऑन फ़ायर' की पुष्पिन्दर चौधरी ने कहा, "प्रदर्शनी की तस्वीरें इस बात की प्रतीक हैं कि औरतें कितनी दुखी और ग़ुस्से से भरी हैं. यही ग़ुस्सा यदि हिम्मत में बदला जाए तो हम इस हिंसा के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा सकते हैं औऱ समाज की सोच को बदल सकते हैं." |
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