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नहीं आएगी अमरीका से चिट्ठी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
'लेटर फ़्रॉम अमेरिका' से मशहूर हुए ब्रॉडकास्टर एलिस्टेयर कुक 58 साल की सेवा के बाद रिटायर हो रहे हैं. उन्होंने अपनी पहली चिट्ठी 1946 में प्रसारित की थी, जबकि बीमार पड़ने से पहले उनकी आख़िरी चिट्ठी इस साल 20 फ़रवरी को बीबीसी पर प्रसारित हुई. कुक ने मंगलवार को आवाज़ की दुनिया को अलविदा कहा. अमरीकी समाज के बारे में 95 वर्षीय कुक की साप्ताहिक रिपोर्ट 'लेटर फ़्रॉम अमेरिका', सबसे ज़्यादा दिनों तक प्रसारित होने वाला रेडियो डिस्पैच साबित हुआ. अपने 58 वर्षों के रेडियो जीवन में उन्होंने 'लेटर फ़्रॉम अमेरिका' के 2869 अंक प्रसारित किए यानी कुल मिला कर 717 घंटे का प्रसारण. यह तो हुई सिर्फ एक कार्यक्रम की बात. 'लेटर फ़्रॉम अमेरिका' के अलावा उन्होंने रेडियो और टेलीविज़न के लिए अन्य कई कार्यक्रम बनाए और अनेक किताबें लिखी. कर्मयोगी कुक ने 1934 में फ़िल्म समीक्षक के रूप में बीबीसी में अपना कैरियर शुरू किया था. बाद में उन्होंने बीबीसी के रेडियो फ़ोर के लिए अमरीका से अपनी साप्ताहिक चिट्ठी रिकॉर्ड करानी शुरू की. हर सप्ताह रेडियो फ़ोर पर प्रसारित होने के बाद उनकी चिट्ठी बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के ज़रिए दुनिया भर के श्रोताओं तक पहुँचती थी. अपने श्रोताओं का धन्यवाद करते हुए कुक ने कहा कि उन्होंने अपने काम में हमेशा आनंद लिया. बीबीसी के कार्यकारी महानिदेशक मार्क बायफ़र्ड ने उनके योगदान के बारे में कहा, "एलिस्टेयर कुक महान प्रसारकों में से हैं. दूरदृष्टि और बुद्धिमता से भरपूर." इंग्लैंड में 1908 में पैदा हुए कुक न्यूयॉर्क में अपनी दूसरी पत्नी जेन व्हाइट के साथ रहते हैं. ब्रिटेन ने 1973 में कुक को मानद नाइटहुड प्रदान किया, जबकि 1974 में उन्हें अमरीकी कांग्रेस की 200वीं सालाना बैठक को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया. |
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