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बॉलीवुड फ़िल्मों को ब्रिटेन में प्रोत्साहन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन की सरकार ने इंग्लैंड में बॉलीवुड फ़िल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहन देने के लिए एक योजना बनाई है. इंग्लैंड में लेस्टर में हिंदी फ़िल्मों के बनाने को प्रोत्साहन देने के लिए 3.4 करोड़ पाउँड पूँजी निवेश की योजना है. इस योजना के तहत इस शहर में फ़िल्म शूटिंग करने के लिए दस फ़िल्मों को कर में भारी रियायत देने का प्रावधान है. इस योजना के लिए लैस्टर को इसलिए चुना गया है क्योंकि वहाँ की जनसंख्या में से लगभग 25 प्रतिशत जनसंख्या भारतीय मूल के लोगों की है. एक व्यवसायी राजीव सक्सेना का कहना है, "हम ऐसी जगह चाहते थे जहाँ हिंदी में बात करने वाले बहुत सारे लोग हों ताकि वे फ़िल्मों में एकस्टराज़ के रूप में भाग भी ले सकें." साथ ही वहाँ विदेशी माहौल में भारतीय खान-पान और सभ्यता के कुछ बेहतरीन नमूने भी मिल जाते हैं. पहले भी बहुत सारी हिंदी फ़िल्मों की शूटिंग इंग्लैंड में हुई है जैसे कि 'कभी ख़ुशी, कभी ग़म.' लेकिन ये पहला मौका है जब लैस्टर में इतनी सारी हिंदी फ़िल्में बनाने का प्रावधान किया गया है. हिंदी फ़िल्म बनाने वालों को पश्चिमी देशों में हिंदी फ़िल्में दिखाने से काफ़ी फ़ायदा हुआ है और कई फ़िल्मों पर तो लगभग तीस प्रतिशत कमाई इन क्षेत्रों से हुई है. योजना ये है कि फ़िल्मों में तो हिंदी फ़िल्म अभिनेता ही काम करेंगे लेकिन इनकी प्रोडक्शन और उससे संबंधित काम लैस्टर में किए जाएँगे. स्थानीय व्यवसायी मानते हैं कि इससे होटलों और कई अन्य व्यवसायों में भी काम बढ़ेगा. |
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