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महाश्वेता को फ़्रांस का प्रतिष्ठित पुरस्कार
भारत की लेखिका महाश्वेता देवी को साहित्य में योगदान के लिए फ़्रांस के सबसे प्रतिष्ठित ऑफ़िस ऑफ़ द आर्ट ऐंड लिटरेचर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. ये पुरस्कार पानेवाली वे पहली भारतीय और एशियाई महिला हैं. महाश्वेता देवी जानी मानी लेखिका हैं और उन्हें इसके पहले मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. मैगसेसे पुरस्कार एशिया का नोबेल पुरस्कार माना जाता है. महाश्वेता देवी के अनेक कृतियाँ सराही गईं हैं लेकिन हज़ार चौरासी की माँ और अरण्येर अधिकार विशेष चर्चित रही हैं.
उनकी कई कृतियों पर फ़िल्में भी बनी हैं जिसमें हज़ार चौरासी की माँ पर गोविंद निहलानी ने फ़िल्म बनाई है जो काफ़ी चर्चित रही है. बीबीसी से विशेष बातचीत में महाश्वेता देवी ने कहा कि हज़ार चौरासी की माँ पर बनी फ़िल्म के कारण वो फ़्रांस में काफ़ी चर्चित रहीं हैं और उनकी क़िताब की वहाँ प्रतियाँ भी बिकी हैं. उनका कहना था कि इस पुरस्कार से उनके सामाजिक कार्यों को बल मिलेगा. महाश्वेता देवी का कहना था कि मौजूदा दौर निराशाजनक है. लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि हम सब अपना काम कर रहे हैं और हमें अपना संघर्ष जारी रखना चाहिए. |
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