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मडोना अब किताबों की दुनिया में
मडोना अब क़लम के ज़रिए कमाई कर रही हैं. उन्होंने अब बच्चों के लिए किताब लिखना शुरु कर दिया है और उनकी किताबें अच्छी-ख़ासी कमाई कर रही हैं. बच्चों के लिए आई उनकी पहली किताब 'द इंगलिश रोज़ेज़' पाँच लाख से भी ज़्यादा प्रतियाँ बिकी हैं जिसकी कामयाबी को देखकर अब उसका क़रीब 50 भाषाओं में अनुवाद किया जा रहा है. किताब के प्रकाशक बेहद उत्साहित हैं और मडोना अपनी पहली ऐसी किताब की सफ़लता के बाद जल्दी ही दूसरी किताब 'मिस्टर पीबॉडीज़ एप्पल्स' अगले महीने ही बाज़ार में उतारने वाली हैं. अमरीका में छपी इस किताब के प्रकाशक निकोलस कॉलावे का कहना था कि ब्रिटेन में भी इस किताब की आठ हज़ार प्रतियाँ पहले ही सप्ताह में बिक गई थीं. उत्साह किताब की कामयाबी पर ख़ुश होते हुए प्रकाशक का कहना था कि 37 भाषाओं में तो किताब पहले ही अनूदित हो रही है और इसी सप्ताह के अंत तक फ्रेंकफ़ुर्त पुस्तक मेले में 50 का आँकड़ा पार कर जाएंगे. "पूरी दुनिया में किताब की अब तक पाँच लाख प्रतियाँ बिक चुकी हैं और साल के अंत तक हम दस लाख प्रतियाँ बिकने की उम्मीद कर रहे हैं." निकोलस कॉलावे का कहना था, "मडोना अपने नाम का इस्तेमाल अब बच्चों को यह सिखाने के लिए कर रही हैं कि उन्हें अच्छी और वैचारिक ज़िंदगी किस तरह जीनी चाहिए."
अपनी किताब की कामयाबी का जश्न मनाने के लिए पिछले ही महीने मडोना ने लंदन के केंसिंगटन इलाक़े में एक शानदार पार्टी का आयोजन किया था जिसमें ख़ासतौर से बच्चों को आमंत्रित किया गया था. मडोना ने इस पार्टी में अपनी किताब के कुछ अंश पढ़कर सुनाए. मडोना की किताब 'द इंगलिश रोज़ेज़' की बीबीसी ऑनलाइन के लिए समीक्षा में बच्चों के कवि माइकल रोज़न ने लिखा है, "मडोना किसी सख़्त अध्यापक की तरह बर्ताव करती हैं, उनकी आवाज़ में यह निर्देश होता है कि टोका-टाकी नहीं बल्कि चुपचाप ध्यान लगाकर सुनिए." |
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