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फ़ैशन के ज़रिए भारत-पाक संबंध सुधारने की कोशिश भारत और पाकिस्तान के कुछ डिज़ाइनर और मॉडल फ़ैशन के ज़रिए दोनों देशों के बीच संबंधों को मधुर बनाने की कोशिश कर रहे हैं. दिल्ली में चल रहे 'ब्राइडल एशिया फ़ैशन शो' में वे एक ही मंच पर अपने पहनावे का प्रदर्शन कर रहे हैं. इससे ये साफ़ है कि दोनों देशों के बीच तनावग्रस्त रिश्तों के बावजूद संस्कृति के माध्यम से दोनों में अभी भी एक रिश्ता क़ायम है.
इससे पहले इस साल जून के महीने में पहली बार 'ब्राइडल एशिया' कुछ भारतीय फ़ैशन डिज़ाइनरों को पाकिस्तान में एक फ़ैशन कार्यक्रम के लिए लेकर गया. ब्राइडल एशिया की आयोजक दिव्या गुरवारा मानती हैं कि भारत और पाकिस्तान की फ़ैशन संस्कृति में अधिक फ़र्क नहीं है. उनका कहना है," दोनों देशों की फ़ैशन इंडस्ट्री एक जैसी है. एक लंबे समय तक हम साथ साथ रह चुके हैं." पाकिस्तान से आई डिज़ाइनर सिमोनील सिद्दिक्की का कहना है कि पाकिस्तान के मुक़ाबले भारत का फ़ैशन उद्योग काफ़ी आगे है. उन्होंने बताया," भारत का फ़ैशन उद्योग बहुत प्रगतिशील है. हम अभी भारत की स्थित तक नहीं पहुँच पाए हैं लेकिन धीरे धीरे पहुँच जाएंगे." इस मामले में ये ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के समाज पर भारतीय फ़िल्मों का बेहद गहरा प्रभाव है. साथ ही पाकिस्तानी मॉडल भी बॉलिवुड से प्रभावित हैं. पाकिस्तान की मॉडल नादिया हुसैन का सपना है कि अगर मौका मिले तो वो शाहरुख ख़ान जैसे बड़े कलाकार के साथ काम करना चाहती हैं. वे कहती हैं," फ़ैशन के ज़रिए भारत और पाकिस्तान के सांस्कृतिक संबंध बढ़ सकते हैं. हमारी सरकारों को भी चाहिए कि वे इस तरह के मंचों को प्रोत्साहित करें ताकि हममें एकता आए." लगता तो है कि हमारे कलाकारों के मन में सांस्कृतिक आदान-प्रदान की दिशा में कुछ क़दम आगे बढ़ाने की जो छटपटाहट है इससे दोनों देशों के संबंधों के मामले को एक नई दिशा मिलने की पूरी संभावना है. |
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