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'हीरोईन की ड्रेस घुटनों से नीचे नहीं जानी चाहिए'
- Author, सुशांत मोहन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, मुंबई
हाल ही में रिलीज़ हुई तमिल फ़िल्म ''काठति सांदाई'' के प्रमोशन के लिए एक यूट्यूब चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में इस फ़िल्म के निर्देशक सूरज ने ऐसे बयान दिए कि बाद में उन्हें माफ़ी मांगनी पड़ी.
इस इंटरव्यू में सूरज ने कहा, "हम 'बी' और 'सी' क्लास ऑडियंस के लिए फ़िल्म बनाते हैं और हमारी हीरोईनों को इस दर्शक वर्ग को खुश करने के लिए छोटे कपड़े पहनने ही चाहिए."
वो आगे कहते हैं, "मैं अपने ड्रेस डिज़ाईनर को यह साफ़ कहता हूं कि किसी भी हीरोईन की ड्रेस उसके घुटनों से नीचे नहीं जानी चाहिए भले ही वो इसे पहनने के लिए राज़ी हो या न हो, पब्लिक साड़ी में लिपटी हुई लड़की को देखने के लिए पैसा खर्च कर सिनेमा हॉल में नही आती."
निर्देशक सूरज ने यह बयान अपनी फ़िल्म काठति सांदाई की हीरोईन तमन्ना भाटिया के ग्लैमरस अवतार पर दिया.
सूरज को लगा था कि यह बयान हंसी मज़ाक में ले लिया जाएगा लेकिन इस वीडियो के आने के बाद से ही सूरज को निशाने पर लिया गया और तमिल इंडस्ट्री की बड़ी अभिनेत्री नयनतारा ने कड़े शब्दों में इसकी आलोचना की.
नयनतारा ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा, "क्या सूरज हमें स्ट्रिपर समझते हैं ? हम कलाकार हैं न कि पैसे के लिए कपड़ा उतारने वाले. सूरज कौन होते हैं अभिनेत्रियों पर ऐसी घटिया बात कहने वाले. क्या वो अपने घर कि किसी कामकाजी महिला के बारे में ऐसी बात कहेंगे ?"
नयनतारा ने कहा, "पिंक और दंगल जैसी फ़िल्मों के समय में सूरज महिलाओं के सम्मान की जगह उल्टा उनका अपमान करने पर उतर आए हैं. एक अभिनेत्री छोटे या भड़काऊ वस्त्र तभी पहनती है जब यह कहानी या रोल की मांग होती है. सूरज का बयान दर्शकों के मन में यह भाव ला सकता है कि हीरोईनें तो पैसे के लिए कपड़े उतार ही देती हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है."
नयनतारा न ही सूरज की फ़िल्म से जुड़ी हैं और न ही इस मामले में सूरज ने उन पर टिप्पणी की थी लेकिन नयनतारा के इस बयान के बाद सूरज की हीरोईन तमन्ना ने भी ट्वीट करते हुए सूरज की कड़ी आलोचना की.
तमन्ना ने अपने ट्वीट में लिखा, "मैं दंगल फ़िल्म देख रही थी लेकिन मेरे निर्देशक ने इतनी ओछी बात कह दी कि मुझे इस बात का जवाब देने के लिए फ़िल्म को बीच में छोड़कर बाहर आना पड़ा."
उन्होनें लिखा, "हम 2016 में हैं और महिला सशक्तीकरण की बातें कर रहे हैं लेकिन मेरे निर्देशक ने ऐसी बात कह दी है कि जो मुझे न सिर्फ़ दुख पहुंचाती है बल्कि गुस्सा भी दिला रही है. मैं चाहती हूं कि वो सिर्फ़ मुझसे ही नहीं फ़िल्म इंडस्ट्री में मौजूद सभी महिला कलाकारों से माफ़ी माँगे. हम यहां लोगों के मनोरंजन के लिए हैं और कोई हमें उपभोग की वस्तु समझे यह मुझे मंज़ूर नहीं. मैं 11 साल से दक्षिण भारतीय सिनेमा में काम कर रही हूं और आज तक वही कपड़े पहनती आई हूं जो मुझे पसंद आए हैं. ये बेहद दुखद है कि हमारे यहां महिलाओं को तुच्छ समझा जाता है और उनके बारे में ऐसे ही बातें की जाती हैं."
तमन्ना के ट्वीट के तुरंत बाद ही निर्देशक सूरज ने अपने ट्विटर हैंडल के ज़रिए लिखित रुप से सार्वजनिक माफ़ी मांगी और अपने शब्द वापस लेने का ऐलान किया. निर्देशक सूरज ने जिस यूट्यूब चैनल को यह इंटरव्यू दिया था उसने भी इस वीडियो को यूट्यूब से हटा दिया है.
हालांकि एक वरिष्ठ तमिल पत्रकार श्रीदेवी श्रीधरन लिखती हैं, "तमन्ना ने नयनतारा के बाद इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है, शायद वो दबाव में थी, वर्ना क्या उन्हें पहले ही यह नहीं पता था ?"
इस मामले से सीधे तौर पर जुड़े अभिनेता विशाल ने भी ट्विटर के ज़रिए अफ़सोस जताते हुए कहा, "मैं हमारे निर्देशक के बयान से हुई परेशानी के लिए माफ़ी मांगना चाहता हूं और तमन्ना से भी माफ़ी मांगता हूं."
विशाल जो तमिल फ़िल्म इंडस्ट्री की आर्टिस्ट असोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी भी हैं लिखते हैं, "यह एक गैरज़रूरी बयान था और निंदनीय है. अभिनेत्रियां यहां अपनी कला दिखाने आती हैं न कि अपना शरीर और मुझे खुशी है कि सूरज ने अपने बयान पर माफ़ी मांगी है."
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