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'बैंडिट क्वीन' से अब तक कोई बदलाव नहीं: मनोज वाजपेयी
- Author, सुनीता पांडेय
- पदनाम, मुंबई से बीबीसी हिंदी के लिए
बात-बेबात कैंची लेकर तैयार रहने वाले सेंसर बोर्ड को 'सात उच्चक्के' ने ख़ूब चकमा दिया है. इस फ़िल्म का अनसेंसर्ड ट्रेलर पहले ही इंटरनेट पर लीक कर दिया गया है.
इंटरनेट पर फ़िल्म का ट्रेलर वायरल होने के बाद इसे एडिट कर सेंसर बोर्ड की मंजूरी के लिए भेजा गया. जहां बोर्ड ने किसी काट-छांट के इसे पास भी कर दिया.
गाली-गलौज और दोअर्थी संवादों से भरी निर्देशक संजीव शर्मा की इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं मनोज वाजपेयी.
मनोज वाजपेयी कहते हैं, "फ़िल्म के कुछ कैरेक्टर के डायलॉग की वजह से सात महीने तक यह फ़िल्म सेंसर बोर्ड में इधर-उधर धूमती रही."
सेंसर बोर्ड को लेकर मनोज कहते हैं, "बोर्ड निरंकुश होता जा रहा है. फ़िल्म 'बैंडिट क्वीन' से लेकर अब तक उसके नज़रिए में कोई बदलाव नहीं आया, जबकि ज़माना काफ़ी आगे निकल चुका है."
सेंसर बोर्ड के प्रमुख पहलाज निहलानी पर सीधी कोई टिपण्णी करने से बचते हुए मनोज ने कहा, "फ़िल्ममेकर और सेंसर बोर्ड के बीच जो संघर्ष लगातार कई सालों से चलता आ रहा है, उसे दूर किया जाना जरूरी है. जब तक हम नियमों और दिशानिर्देशों का आधुनिकीकरण कर उसे आज के हिसाब से नहीं रखेंगे, तब तक फ़िल्ममेकर और सेंसर बोर्ड के बीच संघर्ष चलता रहेगा."
मनोज के मुताबिक़, "श्याम बेनेगल जी की अध्यक्षता वाली कमिटी ने रिपोर्ट भेजकर जो सिफारिश की है, उसे जल्द-से-जल्द लागू किया जाना चाहिए. ताकि फ़िल्ममेकर्स की शिकायतें दूर हो सके."
जहां तक फ़िल्म 'सात उचक्के' की बात है तो बोर्ड के मौजूदा रुख को देखते हुए हमने पहले ही ऐसी सारी चीजें हटा दी हैं जिस पर आपत्ति हो सकती थी. इसलिए सेंसर बोर्ड की ओर से हमें ज्यादा परेशानी नहीं झेलनी पड़ी.
इस फ़िल्म में मनोज वाजपेयी के अलावा विजय राज, केके मेनन, अनुपम खेर, अनु कपूर, अदिति शर्मा मुख्य भूमिका में हैं. यह फ़िल्म 14 अक्टूबर को रिलीज़ की जाएगी.
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