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पाकिस्तानी सांसद आज़म तारिक़ की हत्या
पाकिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों ने इस्लामाबाद के निकट सांसद आज़म तारिक़ सहित पाँच लोगों की गोलीमार कर हत्या कर दी है. इस घटना के बाद कराची में भी सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी गई है. मौलाना आज़म तारिक़ सिपाहे सहाबा नामक संगठन के प्रमुख थे. सिपाहे सहाबा सुन्नी चरमपंथी संगठन माना जाता है और पिछले साल इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. हालाँकि हमले की ज़िम्मेदारी अभी किसी संगठन ने नहीं ली है लेकिन पुलिस का कहना है कि ये हमला भी जातीय हिंसा से जुड़ा लगता है. ख़बरों के अनुसार ये लोग कार से इस्लामाबाद से रावलपिंडी जा रहे थे. लेकिन एक अन्य वाहन में जा रहे हमलावरों ने इनका पीछा किया और वाहन को गोलियों से छलनी कर दिया. इस हमले में कार में सवार पाँचों लोग मारे गए हैं. इस हमले के बाद सिपाहे सहाबा के समर्थक अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए जहाँ इन लोगों के शवों को ले जाया गया था. कराची सुरक्षा कराची के पुलिस उपमहानिरीक्षक तारिक़ जमील ने बताया है कि शहर में तमाम मस्जिदों और इमामबाड़ों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं. इसके अलावा शिया और सुन्नी दोनों ही समुदायों के प्रमुख नेताओं की निजी सुरक्षा के लिए कड़ी व्यवस्था की गई है. कराची के कुछ हिस्सों में तनाव देखा गया है और शहर के उत्तरी हिस्से में कुछ दुकानें भी बंद रहीं. मौलाना तारिक़ के समर्थकों की एक प्रमुख मस्जिद कराची के उत्तरी हिस्से में ही है. जातीय हिंसा पाकिस्तान में शिया और सुन्नी समुदायों के बीच हिंसा का इतिहास तीस वर्ष पुराना है. अब तक इस हिंसा ने दोनों तरफ़ के लगभग चार हज़ार लोगों की जान ली है. शुक्रवार को पाकिस्तान के कराची शहर में एक बस पर हमले में सात शिया मुसलमान मारे गए थे. ये लोग शुक्रवार की नमाज़ अदा करने के लिए एक बस में जा रहे थे तब दो अज्ञात बंदूकधारियों ने इस पर हमला बोल दिया था. इसी वर्ष जुलाई में क्वेटा की एक मस्जिद के बाहर हुए एक हमले में कम से कम 57 शिया मुसलमान मारे गए थे. इन हमलों के पीछे सुन्नी चरमपंथी गुटों का हाथ माना गया था. |
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