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घर की चारदीवारी में रहने वाली लड़कियों के सपने कैसे पूरे कर रही है कबड्डी?
युवा खिलाड़ी मीना झोरे की ज़िंदगी कबड्डी ने बदल दी है.
वो गांव की एक आम लड़की की ज़िंदगी को पीछे छोड़ अब मेडल और चैंपियनशिप जीतने के सपने देख रही हैं.
मीना महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल गांव कुशोडी के बाहरी इलाके में रहती हैं.
यहां बिजली और इंटरनेट जैसी सुविधाएं भी दूर के सपने जैसी हैं.
इन दिक्कतों के बावजूद भी उन्होंने कबड्डी में अपना करियर बनाया.
मीना की तरह यहां रहने वाली कई और लड़कियां भी अब कबड्डी के ज़रिए सपनों की उड़ान भर पा रही हैं.
लेकिन ये लड़कियां कैसे अपने सपने साकार कर पा रही हैं?
जानने के लिए देखिए ये वीडियो.
रिपोर्ट: अनघा पाठक
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