गौहर जान और फ़ातिमा बेगम जिन्होंने मर्दों की कही जाने वाली दुनिया में बनाई औरतों की जगह

गौहर जान और फ़ातिमा बेगम जिन्होंने मर्दों की कही जाने वाली दुनिया में बनाई औरतों की जगह

गौहर जान और फ़ातिमा बेगम - दो ऐसी महिलाएं जिन्होंने 19वीं सदी में सामाजिक और पितृसत्तात्मक मानदंडों को तोड़ा और भारतीय सिनेमा और संगीत में महिला कलाकारों के लिए रास्ता बनाया.

दोनों महिलाओं ने तमाम रुकावटों के बावजूद खुद को स्थापित किया. गौहर जान ग्रामोफोन पर सुनी जाने वाली पहली आवाजों में से एक बनीं, वहीं फ़ातिमा बेगम पहली भारतीय महिला फिल्म निर्देशक बनीं.

इन महिलाओं के जीवन के बारे में बीबीसी हिंदी के साथ सफ़र करें और पता लगाएं कि वे दक्षिण एशिया के सिनेमा और संगीत में इतनी बड़ी शख्सियत कैसे बनीं....

वीडियोः सेराज अली

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)