गुलशन कुमार से लेकर लता मंगेशकर तक, क्या बोलीं अनुराधा पौडवाल? कहानी ज़िंदगी की

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गुलशन कुमार से लेकर लता मंगेशकर तक, क्या बोलीं अनुराधा पौडवाल? कहानी ज़िंदगी की
    • Author, इरफ़ान

अनुराधा पौडवाल ने 1990 में आई 'आशिक़ी' के गानों के ज़रिए यह साबित कर दिया कि वह लोकप्रिय संगीत के आकाश पर छा चुकी हैं.

उनका कोकिल-सा स्वर पहले से स्थापित लता मंगेशकर और आशा भोसले की अगली कड़ी जैसा माना गया.

हालांकि 'आशिक़ी' से पहले भी अनुराधा पौडवाल फ़िल्मों में गा रही थीं. फ़िल्म 'लाल दुपट्टा मलमल का' के दस में से लगभग हर गाने में उनकी आवाज़ सुनाई देती है.

इस फ़िल्म का संगीत टी-सीरीज़ ने जारी किया था. उस समय यह कंपनी सस्ते कैसेटों के ज़रिए संगीत को आम लोगों तक पहुंचाने के सपने के साथ एक लंबी यात्रा की तैयारी में थी.

अनुराधा पौडवाल
इमेज कैप्शन, गुलशन कुमार के बारे में बोलीं अनुराधा पौडवाल

अनुराधा पौडवाल ने गाए अनगिनत भक्ति गीत

एक कंपनी के रूप में सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 1983 में हुई थी. इसने भक्ति गीतों, माता की भेंटों, शिव भजन और सस्ते रीमिक्स कैसेट्स के ज़रिए टी-सीरीज़ नाम से लोकप्रियता हासिल की.

इसी दौर में अनुराधा पौडवाल का टी-सीरीज़ से जुड़ना कंपनी के लिए एक वरदान साबित हुआ. वह इसके कई कवर वर्ज़नों की स्थायी आवाज़ बन गईं.

साथ ही, उन्हें गणेश वंदना, सत्यनारायण कथा, साई भजन, शिव स्तुति और दुर्गा सप्तशती जैसे अनगिनत भक्ति गीतों को अपनी मधुर आवाज़ देने का अवसर मिला.

उन्होंने अपनी पहचान केवल फ़िल्मों तक सीमित नहीं रखी, बल्कि हर वर्ग और उम्र के श्रोताओं तक पहुंच बनाने में कामयाब रहीं.

अनुराधा पौडवाल
इमेज कैप्शन, लता मंगेशकर को लेकर अनुराधा पौडवाल ने बताया कि वो उनकी गाई भगवद् गीता सुनती थीं

'कहानी ज़िंदगी की' दिल से दिल तक की बातचीत का सिलसिला है, जिसकी पहली शर्त है आपसी भरोसा. इसी भरोसे के सहारे ज़िंदगी के तमाम पहलुओं पर परत-दर-परत बातें होती हैं.

निजी जीवन और पेशेवर सफ़र के कई पड़ाव ठहरकर सोचने की मांग करते हैं.

अनुराधा पौडवाल के पास लगभग हर सवाल का जवाब पहले से तैयार था.

वह छोटे-छोटे औपचारिक जवाबों और प्रतिक्रियाओं के बाद चुप हो जाती थीं — जैसे किसी लंबी तान को अचानक बीच में छोड़कर अगले सवाल का इंतज़ार कर रही हों.

बचाव और बेज़ारी के बीच की एक 35 मिनट की बातचीत आपके सामने है, जिसे आपके लिए संजोया गया है.

आप नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक कर 'कहानी ज़िंदगी की' के पुराने एपिसोड्स भी देख सकते हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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