बांग्लादेश के छात्रों ने बनाई नेशनल सिटीज़न पार्टी क्या देश के बाकी दलों से अलग होगी?
बांग्लादेश के छात्रों ने सात महीने पहले तत्कालीन सरकार के सामने लगातार विरोध प्रदर्शनों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ने पर मजबूर किया.
फिर उन्होंने अंतरिम सरकार के गठन में अहम भूमिका निभाई और उसे चलाने में हिस्सा भी लिया.
आनेवाले चुनावों को देखते हुए 28 फ़रवरी को राजधानी ढाका में उन्ही में से कई छात्रों ने अपना एक राजनीतिक दल भी बनाया है. इस दल की अहमियत इस बात से भी समझी जा सकती हैं की बांग्लादेश का लोकतांत्रिक इतिहास काफी हद तक दो पार्टियों से प्रभावित रहा है– अवामी लीग और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी.
तो छात्रों की पार्टी - जिसका नाम नेशनल सिटीज़न पार्टी है, उसे कैसे देखा जाए? उनकी नीतियां क्या हैं और विशेषज्ञों की माने तो कमियां क्या है? भारत के साथ वह कैसे रिश्ते चाहते हैं? देखिए बांग्लादेश से बीबीसी संवाददाता जुगल पुरोहित और देबलिन रॉय की यह खास रिपोर्ट.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित



