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सरफ़राज़ ख़ान: रणजी में रनों का अंबार फिर भी भारत की टेस्ट टीम में क्यों नहीं मिली जगह
अंशुल सिंह
बीबीसी संवाददाता
बीते कुछ दिनों से क्रिकेटर सरफ़राज़ ख़ान चर्चा में हैं. इसकी वजह सरफ़राज़ का वेस्ट इंडीज दौरे के लिए टेस्ट टीम में चयन न होना है.
23 जून को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वेस्ट इंडीज दौरे के लिए टेस्ट और वनडे टीम की घोषणा की थी.
टेस्ट टीम में रोहित शर्मा को कप्तान और अजिंक्य रहाणे को उप-कप्तान बनाया गया है.
बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा, गेंदबाज उमेश यादव और मोहम्मद शमी को टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली जबकि ऋतुराज गायकवाड़, यशस्वी जायसवाल और मुकेश कुमार टीम में नए चेहरे हैं.
लेकिन सबसे ज़्यादा सवाल सरफ़राज़ को लेकर पूछे जा रहे हैं. पूर्व क्रिकेटर सवाल उठा रहे हैं कि आख़िर सरफ़राज़ ख़ान को भारत की टेस्ट टीम में मौका क्यों नहीं मिल रहा है?
सरफ़राज़ को लेकर पूर्व क्रिकेटर क्या बोले?
भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने सरफ़राज़ के मामले में चयनकर्ताओं के साथ चयन के लिए आईपीएल में प्रदर्शन को पैमाना बनाने की भी आलोचना की है.
यूट्यूब चैनल 'स्पोर्ट्स तक' से बातचीत में सुनील गावस्कर ने कहा, ''आज ऐसी स्थिति हो गई है कि अगर आप (खिलाड़ी) आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो टेस्ट टीम में भी आपका चयन हो जाएगा.''
''सरफ़राज़ ख़ान ने रणजी के पिछले तीन सीजन में 100 से ज्यादा की औसत से रन बनाए हैं. अब टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें क्या करना होगा? हो सकता है कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह न मिले लेकिन आप उनका चयन सोलह सदस्यीय टीम में तो कीजिए.''
गावस्कर कहते हैं, ''ऐसे खिलाड़ियों को बताइए कि उनके प्रदर्शन को नोटिस किया जा रहा है. अन्यथा रणजी ट्रॉफी खेलना बंद कीजिए. इसका कोई मतलब नहीं है. आप सिर्फ़ आईपीएल खेलिए और फिर आपको आईपीएल के आधार पर लाल गेंद से खेलने का मौका भी मिल जाएगा.''
पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफ़र ने ट्वीट किया,
- चार ओपनर बल्लेबाजों की क्या ज़रूरत है? इसके बजाय वे (चयनकर्ता) सरफ़राज़ को उनके लगातार घरेलू प्रदर्शन का सम्मान करते हुए मध्य क्रम के अतिरिक्त बल्लेबाज़ के तौर पर चुन सकते थे.
- ईश्वरन और पांचाल भी लंबे समय से रणजी और इंडिया ए में कड़ी मेहनत करते हुए टेस्ट टीम के दरवाजे खटखटा रहे हैं. सिर्फ इसलिए कि वे आईपीएल नहीं खेलते हैं, उन पर ध्यान नहीं गया? ऋतुराज गायकवाड़ कैसे टीम में आ गए?
पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने लिखा, ''क्या सरफराज को ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जाएगा जिसने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रनों का पहाड़ खड़ा किया और फिर भी उसे कभी भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला? मैं आशा करता हूं कि ऐसा न हो. मुझे उम्मीद है कि चुने जाने के लिए उसे और क्या करने की जरूरत है, यह उसे बता दिया जाएगा. अन्यथा. प्रथम श्रेणी क्रिकेट (भारतीय क्रिकेट का दिल और आत्मा) की पवित्रता खो जाएगी.''
सरफ़राज़ का घरेलू प्रदर्शन
सरफ़राज़ ख़ान ने अब तक 37 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 54 पारियों में 79.65 की औसत से चार हज़ार 992 रन बनाए हैं. इनमें 13 शतक और नौ अर्धशतक शामिल हैं.
रणजी ट्रॉफी के पिछले तीन सीज़न में मुंबई के लिए खेलने वाले सरफ़राज़ ने जमकर रन बनाए हैं.
2019-20 रणजी सीज़न में सरफ़राज़ ने छह मैचों की नौ पारियों में 928 रन बनाए थे.
इस दौरान उन्होंने तीन शतक लगाए थे और औसत 154.66 था.
सीज़न में सरफ़राज़ के बल्ले से उत्तर प्रदेश की टीम के ख़िलाफ एक तिहरा शतक (301*) भी आया था.
सरफ़राज़ की फॉर्म 2021-22 सीज़न में भी जारी रही और इस सीज़न रन बनाने वालों की लिस्ट में टॉप पर रहे हैं.
सीज़न में सरफ़राज़ ने कुल 6 मैच खेले और 982 रन बनाए.
इस दौरान उनका औसत 122.75 रहा और उनके बल्ले से एक दोहरे शतक (275) समेत कुल चार शतक आए.
2022-23 सीज़न में रनों का आंकड़ा कम हुआ लेकिन बल्लेबाज़ी औसत 90 के पार था.
इस सीज़न में सरफ़राज़ ने 6 मैच की 9 पारियों में 556 रन बनाए थे.
आईपीएल में सरफ़राज़ का प्रदर्शन
सरफ़राज़ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तो खूब चमके लेकिन आईपीएल में उनकी चमक फीकी रही.
इस साल दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए सरफ़राज़ ने कुल 4 मैच खेले और 53 रन बनाए.
आईपीएल करियर में सरफ़राज़ ने कुल 50 मैचों में 585 रन बनाए हैं.
इसमें 2019 और 2015 के सीज़न में उन्होंने 100 का आंकड़ा पार किया था.
2015 में आरसीबी के लिए खेलते हुए सरफ़राज़ ने 111 रन और 2019 में पंजाब किंग्स (तब किंग्स इलेवन पंजाब) के लिए खेलते हुए 180 रन बनाए थे.
सरफ़राज़ को क्यों नहीं मिला मौका?
आख़िर सरफ़राज़ को रणजी ट्रॉफी में रन बनाने के बावजूद टेस्ट टीम में क्यों नहीं चुना जा रहा है?
क्या आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर टेस्ट टीम में चयन हो रहा है?
इन सवालों का जवाब जानने के लिए बीबीसी ने वरिष्ठ खेल पत्रकार विमल कुमार और बीबीसी संवाददाता पराग फाटक से बात की.
विमल कुमार का कहना है कि सरफ़राज़ खान के चयन को लेकर बार-बार गोल पोस्ट बदला जा रहा है.
विमल कहते हैं, ''पहले कहा गया कि सरफ़राज़ की फिटनेस को लेकर चिंता है तो उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम किया. वो तीन साल से लगातार रन बना रहे हैं तो अब नई थ्योरी आ गई है कि उन्होंने बीसीसीआई के किसी बड़े अधिकारी को उंगली दिखाई थी. फिर कहा गया कि उन्होंने मुंबई के हेड कोच अमोल मजूमदार को उंगली दिखाई क्योंकि उन्होंने तारीफ़ की थी.''
''अगर आप यह कहते हैं कि वो फिट नहीं हैं इसका मतलब है कि सेलेक्टर और बीबीसीआई ख़ुद के संस्थानों पर सवाल उठा रहे हैं. रणजी ट्रॉफी भारत का बेस्ट टूर्नामेंट है फिर वहां कोई अनफिट खिलाड़ी हज़ार रन कैसे बना रहा है?''
विमल कहते हैं, ''ख़बरें चल रही हैं कि सरफ़राज़ अनुशासनहीन हैं. तो फिर ये सब चीज़ें ऑन-रिकॉर्ड क्यों नहीं हैं जैसे हरभजन सिंह के मामले में थीं. हरभजन के पूरे करियर में एटीट्यूड की समस्या रही लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि हरभजन सिंह मैच विनर थे. अगर सरफ़राज़ के साथ समस्या है तो इन्हें बीसीसीआई से जुड़े लोगों को ही तो हैंडल करना है. लेकिन कम से कम उसे मौका दीजिए.''
वहीं पराग फाटक का कहना है कि फिटनेस सरफ़राज़ के लिए एक बड़ी चुनौती है.
पराग बताते हैं, ''जब से विराट कप्तान बने थे उन्होंने भारतीय टीम में फिटनेस के काफ़ी ऊंचे मापदंड स्थापित किए थे. उदाहरण के लिए यो-यो टेस्ट को ले लीजिए. इसमें पहले भी कुछ खिलाड़ी फेल हो चुके हैं. अभी सरफ़राज़ रन तो बना रहे लेकिन उन्हें फिटनेसे के मोर्चे पर उन्हें खुद को साबित करना है.''
आईपीएल में प्रदर्शन को लेकर विमल कुमार कहते हैं, ''आईपीएल में अगर कोई खिलाड़ी रन बनाता है तो उसके लिए यह पॉजिटिव ही होता है. ऋतुराज गायकवाड़ और यशवस्वी जायसवाल दोनों ने फ़र्स्ट क्लास में अच्छा प्रदर्शन किया फिर आईपीएल से दोनों ने अपनी दावेदारी मजबूत की है.''
''निश्चित तौर पर सरफ़राज़ के करियर में आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन न कर पाना एक कमी है. लेकिन आईपीएल में चेतेश्वर पुजारा और हनुमा विहारी भी कुछ ख़ास नहीं कर पाए थे फिर भी दोनों ने टेस्ट में अच्छा किया है. मुझे लगता है कि भारतीय क्रिकेट और बीसीसीआई को धारणाओं पर नहीं चलना चाहिए.''
सरफ़राज़ और बीसीसीआई की प्रतिक्रिया
सरफ़राज़ ख़ान ने पूरे मामले पर आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन एक दिन पहले उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में एक वीडियो शेयर किया है.
वीडियो इस साल जनवरी में हुए दिल्ली बनाम मुंबई के रणजी मैच का है. मैच की पहली पारी में सरफ़राज़ ने शतक (125) लगाया और फिर जश्न मनाया था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, बीसीसीआई के सूत्रों ने दावा किया कि 'फिटनेस स्तर' के साथ-साथ कथित 'ऑफ-फील्ड कंडक्ट' ने सरफ़राज़ की भारतीय टीम में शामिल होने वाली दावेदारी को प्रभावित किया है.
हालांकि पीटीआई की तरफ़ से ये भी कहा गया है कि मुंबई क्रिकेट के सूत्रों ने फिटनेस और अनुशासन के मुद्दों को नकार दिया है. यानी अनाधिकारिक तौर पर जो बातें लीक की जा रही हैं, उनसे भी तस्वीर साफ़ नहीं हो रही है.
सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं लोग?
ट्विटर हैंडल 'क्रिकेट वीडियोज़' ने लिखा,
'सरफराज खान का स्टैंड से रणजी मैच देख रहे चयनकर्ता चेतन शर्मा की ओर इशारा करके आक्रामक जश्न मनाना लोगों को पसंद नहीं आया.'
फरहान ज़ुबैरी ने लिखा,
'आसान नहीं है सरफराज़ खान होना. रनों का अंबार लगा देने फिर भी टीम में जगह नहीं. जो आईपीएल में अच्छा खेलेगा वो ही बीसीसीआई के मैच खेलेगा.. ये दुनिया का नया रीति-रिवाज बन गया है.'
अनिल यादव लिखते हैं,
'किसी को बर्बाद करना हो तो उसका मनोबल तोड़ दो. पिछले तीन साल से सरफराज खान रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन और शतक बनाने वाले खिलाड़ी हैं. फिर भी उनका चयन टेस्ट टीम में नहीं किया जा रहा है. शास्त्रों में इसे ही भेदभाव कहते हैं.'
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