कैलाश विजयवर्गीय के महिलाओं पर 'बिगड़े बोल', बीजेपी मंत्री के वो 5 बयान जिन पर मचा हंगामा

कैलाश विजयवर्गीय

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इमेज कैप्शन, इंदौर में ऑस्ट्रेलियाई महिला खिलाड़ियों के साथ यौन हिंसा वाली घटना पर प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर विवाद हो रहा है

25 सितंबर 2025 को मध्य प्रदेश के शाजापुर में एक समारोह में प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर विवादित टिप्पणी की थी, जिस पर हंगामा मच गया.

विजयवर्गीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें 'संस्कारों का अभाव है.'

इसके बाद कांग्रेस ने उनसे माफ़ी मांगने को कहा. पार्टी ने आरोप लगाया कि कैलाश विजयवर्गीय 'महिला विरोधी' हैं.

इस घटना के ठीक एक महीने बाद अब उनके एक और बयान पर विवाद खड़ा हो गया है.

इंदौर में दो ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ यौन हिंसा की घटना को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण तो बताया लेकिन साथ ही कहा कि इसमें 'थोड़ी बहुत लापरवाही हुई है'.

कैलाश विजयवर्गीय ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, "खिलाड़ियों का अचानक वहां से निकल जाना, बिना किसी को बताए ये थोड़ी सी उनसे ग़लती हो गई है. क्योंकि वहां उनकी पर्सनल और पुलिस सिक्योरिटी भी थी."

बीजेपी नेता कहते हैं, "इससे अब खिलाड़ी भी सीख लेंगे कि हम जब किसी दूसरे देश या शहर में जाएं तो अपनी सुरक्षा की चिंता भी करें."

कैलाश विजयवर्गीय इससे पहले भी कई बार महिलाओं के बारे में विवादित बयान देते रहे हैं.

1. राहुल और प्रियंका गांधी पर विवादित बयान

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी

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शाजापुर में एक सभा को संबोधित करते हुए इसी साल 25 सितंबर को उन्होंने राहुूल गांधी और प्रियंका गांधी की संयुक्त रैली पर टिप्पणी करते हुए कहा था, "हम पुरानी संस्कृति के लोग हैं, पुराने ज़माने में लोग अपनी बहनों के गांव का पानी तक नहीं पीते थे, लेकिन आज के हमारे प्रतिपक्ष के नेता ऐसे हैं कि अपनी बहन का चौराहे पर चुंबन कर लेते हैं. ये संस्कारों का अभाव है. ये विदेश के संस्कार हैं."

उनके इस बयान की कांग्रेस समेत कई लोगों ने आलोचना की थी और इसे महिला विरोधी बयान क़रार दिया था.

आलोचना के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था, "मैं किसी रिश्ते की पवित्रता पर सवाल नहीं उठा रहा हूं. सभी रिश्ते पवित्र होते हैं, हालांकि हर रिश्ते की एक सीमा होती है, और मैं उसी का ज़िक्र कर रहा था. मैंने ये कहा था कि विदेशों में ऐसा होता है, लेकिन यहां यानी भारत में ऐसा नहीं होता."

2. 'कम कपड़ों वाली लड़कियों के साथ सेल्फ़ी नहीं खिंचाता'

कैलाश विजयवर्गीय

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इसी साल जून में इंदौर में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, "हमारे यहां महिला देवी का स्वरूप होती है. वो खूब अच्छे कपड़े पहनें, श्रृंगार करें. मुझे तो कम कपड़े पहनने वाली लड़कियां पसंद नहीं. कई लड़कियां मेरे पास सेल्फ़ी खिंचाने आती हैं तो मैं कहता हूं बेटा पहले अच्छे कपड़े पहन के आना फिर खिंचाना. और मैं मना कर देता हूं."

उन्होंने कहा, "विदेशों में कम कपड़े पहनने वाली लड़की को अच्छा मानते हैं, लेकिन हमारे यहां अच्छे कपड़े, श्रृंगार और गहने पहनने वाली लड़की को सुंदर माना जाता है."

3. 'कम कपड़ों वाली लड़कियां शूर्पणखा लगती हैं'

कैलाश विजयवर्गीय का बयान

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अप्रैल 2023 में हनुमान जयंती और महावीर जयंती के मौक़े पर आयोजित एक समारोह में कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान के बाद काफ़ी विवाद हुआ. उन्होंने तब कहा था, "मैं रात को जब पढ़े लिखे नौजवानों को झूमते हुए देखता हूं तो इच्छा होती है कि उतर के उन्हें पांच सात खींच के दे दूं तो इनका नशा उतर जाए. लड़कियां भी इतने गंदे कपड़े पहन के निकलती हैं कि उनमें देवी का स्वरूप नहीं दिखता. शूर्पणखा लगती हैं."

उनके इस बयान की तीख़ी आलोचना हुई थी. विजयवर्गीय उस वक़्त पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी थे.

तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा ने तब कहा था, "आपकी सोच गंदी है. आपकी नज़र गंदी है. हमारे कपड़ों से कोई फ़र्क नहीं पड़ता."

4. 'मर्यादा का उल्लंघन होता है तो सीता हरण होता है'

जनवरी 2013- रेप की लगातार बढ़ती घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने जो कहा था उससे काफ़ी विवाद हुआ था. लगातार होती आलोचनाओं के बाद बीजेपी को इस पर सफ़ाई देनी पड़ी थी.

तब मीडिया से बात करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था, "एक ही शब्द है मर्यादा. मर्यादा का उल्लंघन होता है, तो सीता हरण हो जाता है. लक्ष्मण रेखा हर व्यक्ति की खींची गई है. उस लक्ष्मण रेखा को कोई भी पार करेगा, तो रावण सामने बैठा है, वह सीता हरण करके ले जाएगा."

उनकी इस आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ते देख तत्कालीन बीजेपी प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कहा था, "पार्टी इस बयान से ख़ुद को दूर रखती है और उन्होंने कैलाश से ये बयान वापस लेने को कहा है."

जिसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि, "उनका मक़सद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था."

5. नीतीश कुमार पर विवादित टिप्पणी

नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव

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इमेज कैप्शन, अगस्त 2022 में जब नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन तोड़कर आरजेडी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी तब कैलाश विजयवर्गीय ने उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी

आगामी विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और भारतीय जनता पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन अगस्त 2022 में नीतीश कुमार ने बीजेपी से गठबंधन तोड़कर और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाई थी. तब बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय की एक टिप्पणी पर काफ़ी हंगामा मचा था.

उन्होंने कहा था, "जिस दिन बिहार में सत्ता परिवर्तन हुआ मैं विदेश में था. तब एक ने कहा कि हमारे यहां जैसे लड़कियां बॉयफ्रेंड बदलती हैं वैसे बिहार की राजनीति है. बिहार के मुख्यमंत्री की भी वही पोज़ीशन है."

विवाद बढ़ता देख कैलाश विजयवर्गीय ने सफ़ाई देते हुए कहा था, "मैंने अपने मित्र के बयान को कोट किया था. नारी हमारे लिए पूजनीय हैं. नारी के लिए, कम से कम भारतीय नारी के लिए हम सब का बहुत सम्मान है."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित