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पद्मजा, जो सब कुछ भूल गईं, और फिर दोबारा ज़िंदगी जीना सीखा
कभी सोचा है, अगर एक दिन आप सब कुछ भूल जाएं अपना नाम, अपनों का चेहरा, यहां तक कि चलना, बोलना और लिखना भी.
यह कहानी है 31 साल की पद्मजा की, जिन्होंने ज़िंदगी को दोबारा जीना सीखा.
साल 2017 में अचानक हुए सिर दर्द के बाद पद्मजा को पांच सर्जरी करवानी पड़ीं.
वह सर्जरी के बाद सब कुछ भूल गईं. जैसे कोई नवजात बच्चा ज़ीरो से सीखना शुरू करता है, वैसे ही पद्मजा ने फिर ज़िंदगी शुरू की.
पद्मजा ने अपनी कहानी को एक किताब के ज़रिए बयां किया है, जिसका शीर्षक है- 'मैं कोई और'.
देखिए, जयपुर से मोहर सिंह मीणा की यह रिपोर्ट.
वीडियो एडिटिंगः अल्ताफ़
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