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सीरिया: जब 'क़साईख़ाना' बताई जा रही जेल पहुँची बीबीसी की टीम, क्या-क्या दिखा?
सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद का शासन समाप्त होने के बाद यहां विद्रोहियों का कब्ज़ा हो गया है.
विद्रोहियों ने देश भर की जेलों में कैद लोगों को आज़ाद करने की घोषणा की है.
हालांकि सीरिया की 'बदनाम' सेडनाया जेल में कैद सभी लोग अब तक बाहर नहीं निकाले जा सके हैं.
कारण ये है कि जेल में तहखाना है और उन कोठरियों तक पहुंचना मुश्किल है.
बीबीसी की टीम भी इस जेल में पहुंची. यहां बड़ी संख्या में लोग अपनों की तलाश में आए हुए हैं. उन्होंने अंदर घुसने के लिए दरवाज़े को धक्का दिया.
जेल के भीतर लोगों की भीड़ दस्तावेज़ों को खंगालती दिखी. वो कोई सुराग या सबूत की तलाश में हैं, ताकि जेल में कैद अपनों तक पहुंच सकें.
कुछ कैदियों को दीवारें तोड़कर निकाला गया है. जो कैदी ढूंढ लिए गए हैं, उनमें कोई ठीक से चल नहीं पा रहा, तो कोई सबकुछ भूल चुका है.
ये जेल बशर अल-असद के शासन में लोगों पर हुए उत्पीड़न के सबसे बड़े प्रतीकों में से एक है.
यहां उनकी सरकार का विरोध करने वाले हज़ारों लोगों को कैद कर टॉर्चर किया गया और कई को मौत की सजा भी दी गई.
जो कैदी बाहर नहीं निकाले जा सके, उनके अपनों को अब भी उनके जीवित होने की उम्मीद है. वो उनके लिए तलाश जारी रखे हुए हैं.
सीरियन सिविल डिफेंस ग्रुप 'द व्हाइट हेलमेट्स' इस सर्च ऑपरेशन से जुड़ गया है. हालांकि अब भी ये सटीक जानकारी नहीं है कि जेल में कितने लोग कैद हैं.
ऐसी भी जानकारी सामने आई थी कि ज़मीन के नीचे कई सेल मौजूद हैं, जिन्हें केवल निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के ज़रिए ही देखा जा सकता है.
इन पर इलेक्ट्रॉनिक दरवाज़े लगे हैं, जिनके कोड कोई नहीं जानता. लोगों के लिए इन सेल के दरवाज़ों तक पहुंच पाना भी मुश्किल है.
वीडियो में देखिए बीबीसी की टीम को जेल के भीतर और क्या कुछ दिखा.
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