100 रुपये की रिश्वत के झूठे आरोप में 39 साल बाद इंसाफ़ पाने वाले शख़्स की कहानी

वीडियो कैप्शन, 100 रुपये की रिश्वत का झूठा केस, 39 साल बाद बाइज़्ज़त बरी
100 रुपये की रिश्वत के झूठे आरोप में 39 साल बाद इंसाफ़ पाने वाले शख़्स की कहानी

छत्तीसगढ़ के जागेश्वर प्रसाद अवधिया को 1986 में 100 रुपये की रिश्वत के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया था.

तब से वो ख़ुद को बेगुनाह साबित करने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे. आख़िरकार 2025 में कोर्ट ने उन्हें निर्दोष मानते हुए बाइज़्ज़त बरी कर दिया.

उन्हें इंसाफ़ तो मिल गया, लेकिन इन 39 सालों में उन्हें और उनके परिवार वालों को बहुत मुश्किल दिन देखने पड़े. बीबीसी न्यूज़ हिंदी से बातचीत में उन्होंने अपनी कहानी बताई है. सुनिए उन्होंने क्या कहा-

रिपोर्ट- आलोक पुतुल, बीबीसी हिंदी के लिए

वीडियो एडिटर- सुखमन दीप सिंह

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.