कारगिल युद्ध के जांबाज़ फ़ौजी कैप्टन हनीफ़ुद्दीन की कहानी
कारगिल युद्ध के जांबाज़ फ़ौजी कैप्टन हनीफ़ुद्दीन की कहानी
साल 1999 में कारगिल के तुरतुक सेक्टर में बहादुरी से लड़ते हुए कैप्टन हनीफ़ुद्दीन ने अपनी जान दी थी.
उस समय उनकी उम्र मात्र 25 साल की थी. 43 दिनों तक बर्फ़ में पड़े रहने के बाद उनका पार्थिव शरीर वापस लाया गया था.
विवेचना के इस एपिसोड में रेहान फ़ज़ल बता रहे हैं कैप्टन हनीफ़ुद्दीन की कहानी.
वीडियो: रेहान फ़ज़ल
वीडियो एडिटर: सदफ़ ख़ान

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)






