You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच अमेरिका की चुप्पी का क्या मतलब है? - द लेंस
भारत-पाकिस्तान का तनाव पूरी क्षेत्रीय स्थिरता को चुनौती देता है. कौन क्या कह रहा है और क्या कर रहा है, ये जानकारियां आप तक रिपोर्टिंग के ज़रिए पहुंच रही हैं.
ऐसे में हम आज कुछ परतें टटोलने की कोशिश करते हैं कूटनीति की.
भारत-पाकिस्तान के इस संघर्ष के बीच क्या कोई कूटनीतिक राह खोलने की कोशिश हो रही है, अमेरिका और चीन जैसे देशों में इसे लेकर क्या रुख़ नज़र आता है, संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की क्या भूमिका है, दोनों देश किस तरह का कूटनीतिक समर्थन हासिल कर पाए हैं, मध्य-पूर्व के देशों ने दोनों देशों के संबंधों को देखते हुए क्या राह चुनी है और इस संघर्ष का दुनिया पर किस तरह का असर हो सकता है?
द लेंस के आज के एपिसोड में कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा ने इन सवालों पर बात की जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ के असोसिएट प्रोफ़ेसर विनीत प्रकाश, मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फ़ॉर डिफ़ेंस स्टडीज़ ऐंड एनालिसिस की असोसिएट फ़ेलो डॉक्टर प्रियंका सिंह और बीबीसी के सीनियर न्यूज़ एडिटर आसिफ़ फ़ारूक़ी के साथ.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित