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झारखंड का वो इलाक़ा जहां ना तो सड़क है, ना पानी और ना अस्पताल
झारखंड में पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है और दूसरे चरण के लिए 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. मतगणना 23 नवंबर को होगी जिसके बाद अगले पांच साल के लिए राज्य की कमान किसके हाथ में होगी, ये तय हो जाएगा.
यहां चुनावों से लोगों को काफी उम्मीदें हैं, ख़ासकर उन्हें जिन तक मूलभूत सुविधाएं भी नहीं पहुंची हैं. सरकारें आती हैं, जाती हैं, लेकिन झारखंड का पहाड़िया समुदाय आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है. इनके पास ना तो सड़क है, ना साफ़ पानी और ना ही अस्पताल.
आज भी मरीज़ को खाट पर लेकर कई किलोमीटर तक पैदल चलकर अस्पताल में भर्ती कराने को मजबूर पहाड़िया समुदाय की क्या हैं मांगें?
रिपोर्ट: विष्णुकांत तिवारी
कैमरा: रणवीर भगत
एडिट: शाहनवाज़ अहमद
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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