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'अढ़ाई दिन का झोपड़ा' पर क्या है विवाद और क्या कह रहे हैं यहां आने वाले लोग?
'अढ़ाई दिन का झोपड़ा' पर अब अजमेर के डिप्टी मेयर ने दावा किया है कि इसकी जगह पहले 'मंदिर और कॉलेज' था.
अजमेर की एक स्थानीय अदालत ने अजमेर शरीफ़ दरगाह के नीचे 'मंदिर' का दावा करने वाली याचिका को हाल ही में स्वीकार कर लिया था.
दरगाह से कुछ ही दूरी पर स्थित 'अढ़ाई दिन का झोपड़ा' को लेकर अब अजमेर के डिप्टी मेयर ने दावा किया है कि इसकी जगह पहले 'मंदिर और कॉलेज' था.
हालांकि इस मामले में अभी कोई कानूनी हस्तक्षेप नहीं हुआ है लेकिन यहां वाले लोगों और आस-पास के दुकानदारों में इस बात को लेकर चिंता ज़रूर है.
देखिए, यहां आने वाले लोगों ने बीबीसी संवाददाता अभिनव गोयल से क्या कहा..
शूट: नोमान
एडिट: अलताफ़
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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