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नेटफ़्लिक्स का शो बना टर्निंग प्वाइंट: ताइवान ने यौन शोषण के ख़िलाफ़ ऐसे तोड़ी चुप्पी
फ्रांसेस माओ और बेनी लू
बीबीसी संवाददाता
ताइवान में इन दिनों यौन उत्पीड़न और मारपीट के आरोपों के केस अचानक बढ़ने लगे हैं. लोगों का कहना है कि नेटफ़्लिक्स के एक शो ने स्थानीय 'मी टू आंदोलन' को हवा दी है.
ताइवान में पिछले दो हफ्तों में 90 से ज्यादा लोगों ने मीटू के आरोप लगाए हैं.
ये आरोप पहले राजनीति और सत्तारूढ़ डेमोक्रेट प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) पर केंद्रित थे, जिसके चलते कई इस्तीफ़े हुए.
लेकिन अब डॉक्टरों, प्रोफेसरों, खेल अंपायरों और यूट्यूबरों के ख़िलाफ़ भी मीटू के आरोप लगे. एक तरह से ताइवान के समाज में आरोपों की गूंज सुनाई दे रही है.
इस दौरान एक थिंक टैंक के रिसर्चर की तरफ़ से पौलेंड के राजनयिक पर यौन शोषण के आरोप लगाए गए थे.
कई महिलाओं के लिए, ताइवान के समाज में ये वो पल था, जिसकी लंबे समय प्रतीक्षा थी.
दरअसल, ताईवान की प्रगतिशील राजनीति और लैंगिक समानता के लिए प्रतिबद्धता की विश्व स्तर पर प्रशंसा की जाती रही है.
देश की पहली महिला राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने माफ़ी मांगी है और सुधार की बात कही है.
ताइवान की सेंट्रल रिसर्च एकेडमी 'सिनिका एकेडेमिया' से जुड़ीं डॉ लिउ वेन ने बीबीसी को बताया, ''पहले हमारे यहां यौन उत्पीड़न के बहुत कम मामले थे. इतने बड़े पैमाने पर केस कभी नहीं थे.''
''यह पहली बार है जब अलग-अलग क्षेत्रों से एक ही समय पर इतने दबे हुए मामले सामने आ रहे हैं.''
30 वर्षीय एक महिला ने बीबीसी को बताया कि अपने बॉस (एक प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता) द्वारा यौन उत्पीड़न के बाद वो फिर से न्याय की उम्मीद लगा रही हैं.
जब मिस सेंग (बदला हुआ नाम) ने पिछले साल पहली बार अपनी आवाज़ उठाई थी तो उन्हें अनसुना कर दिया गया और उनके आरोप ख़ारिज कर दिए गए.
लेकिन पिछले हफ़्ते जब उन्होंने इंटरनेट के ज़रिए फिर से अपनी आवाज़ उठाई तो उनके कार्यस्थल और उस एक्टविस्ट की तरफ से माफी मांगी गई.
माफी मांगने वाले व्यक्ति ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि उसे अपने आचरण के लिए खेद है.
इस बीच सेंग का इनबॉक्स अन्य महिलाओं के संदेशों से भर गया, जिनमें उस एक्टविस्ट के बारे में महिलाओं की शिकायतें थीं.
ड्रामा शो से मिली प्रेरणा
आरोपों की पहली लहर का श्रेय एक टीवी ड्रामा को जाता है.
इस साल अप्रैल के अंत में नेटफ़्लिक्स पर 'वेव मेकर्स' नामक एक शो आया. यह शो ताइवान में एक चुनाव के दौरान काम कर रहे राजनीतिक कर्मियों के बारे में था.
शो के एक सीन में एक युवा महिला अपनी वरिष्ठ सहयोगी, जो कि एक पार्टी की प्रवक्ता और शो की मुख्य पात्र हैं, के साथ नज़र आती हैं.
तब सवाल था कि क्या युवा महिला उस उत्पीड़न को स्वीकार करने की हिम्मत दिखाएगी जो उसे एक पुरुषकर्मी के कारण सहना पड़ा था? यह जानते हुए भी कि सार्वजनिक रूप से इस बात को उजागर करने से पार्टी की प्रतिष्ठा और उसके अपने करियर को नुकसान पहुंचेगा?
महिला अपनी सीनियर को सब कुछ बताने का निर्णय करती है. उम्रदराज़ महिला मामले को सुनती है और मदद करने का निर्णय लेती है.
अपने सहयोगी कर्मचारियों की चिंताओं को दूर करते हुए उन्होंने कहा, ''इसे यूं ही नहीं जाने देते हैं, ठीक है.''
वो कहती हैं, ''हम चीजों को इतनी आसानी से जाने नहीं दे सकते. नहीं तो हम मुरझा जाएंगे और मर जाएंगे.''
इस सीन को मीटू से जुड़ी शिकायतें सामने आने का श्रेय दिया गया है, जो अब ताइवान में बहुत व्यापक हो गया है.
31 मई को डेमोक्रेट प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) की पूर्व कर्मचारी ने शो को ध्यान में रखते हुए फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा.
एक कार्यक्रम में यौन उत्पीड़न के अपने अनुभव का वर्णन करने से पहले चेन चिमन-जाउ जो ने लिखा, ''इसे ऐसे ही नहीं जाने देते हैं, ओके.''
जब उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज़ की तो उनकी महिला सुपरवाइज़र ने मामले को ख़त्म करने की सलाह दी और कहा कि ''आपने उस समय कुछ क्यों नहीं कहा?''
आरोपों की बाढ़
चेन की फेसबुक पोस्ट ताइवान में वायरल हो चुकी है और इसे हज़ारों बार शेयर किया जा चुका है.
ऐसा प्रतीत होता है कि इस पोस्ट ने दूसरे लोगों को राजनीति में और उससे परे उत्पीड़न के अपने अनुभवों के बारे में रिपोर्ट करने के लिए प्रेरित किया है.
चेन की रिपोर्ट के बाद, एक दूसरी पूर्व-डीपीपी महिला कर्मचारी ने कहा कि उनके पुरुष सुपरवाइजर ने मौखिक रूप से उसके साथ दुर्व्यवहार किया और एक अन्य पुरुष सहकर्मी के खिलाफ उत्पीड़न की उनकी शिकायत को दबा दिया था.
फिलहाल राजनीतिक दल डीपीपी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस्तीफ़ा दे दिया है, जिसमें चेन के सुपरवाइजर सू चिया-टिन का नाम भी शामिल है.
इस लिस्ट में राष्ट्रपति के सलाहकार येन चिह-फा का नाम भी है, जिन्होंने पार्टी की एक सदस्य की ओर से लगाए गए आरोपों को ख़ारिज कर दिया था.
बीबीसी ने आरोपों पर येन और सू दोनों से संपर्क किया लेकिन दोनों की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला.
विपक्षी पार्टी केएमटी पर भी आरोप लगे हैं. पिछले हफ्ते एक पत्रकार ने कहा कि केएमटी सांसद फू कुन-ची ने 2014 में एक प्रेस कार्यक्रम में उन्हें जबरन चूमा था हालांकि, फू ने आरोपों से इनकार किया है.
उन्होंने बीबीसी से कहा कि वो कभी भी महिलाओं या अधीनस्थों के यौन उत्पीड़न में शामिल नहीं थे.
केएमटी के एक पार्षद ने भी एक प्रसिद्ध मीडिया हस्ती पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिन्होंने तब अपने व्यवहार के लिए माफी माँगते हुए कहा कि वे नशे में थे.
ऑनलाइन डेटाबेस में अब 90 से अधिक मामलों का दस्तावेजीकरण किया गया है. अभियुक्तों में कुछ सबसे हाई-प्रोफाइल लोग शामिल हैं.
तियानमेन विरोध का चेहरा वांग डैन: वो एक निर्वासित राजनीतिक कार्यकर्ता हैं. उन्होंने दो युवकों की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों का खंडन किया है. आरोप लगाने वालों में से एक, ली युआन-चुन ने 2014 में एक होटल के कमरे में वांग पर बलात्कार के प्रयास का आरोप लगाते हुए 7 जून को एक मुकदमा किया है. वांग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और कहा कि वह केस लड़ने के लिए अमेरिका से ताइवान लौट आएंगे.
निर्वासित कवि बेई लिंग: 2 जून को, वेव मेकर्स शो के लेखकों में से एक, चिएन ली-यिंग ने प्रख्यात कवि पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि बेई ने अपने घर पर उन्हें गलत तरीके से छुआ और चूमा.
पोलिश राजनयिक बार्टोज़ रेज़: 10 जून को, ताइवान की थिंकटैंक शोधकर्ता लाई यू-फ़ेन ने आरोप लगाया कि पिछले साल रेज़ ने यौन उत्पीड़न किया था, लेकिन अभियोजकों ने इस घटना की जांच की और उन पर आरोप नहीं लगाने का फैसला किया.
रेज़ ने आरोपों से इनकार करते हुए ट्विटर पर जवाब दिया.
उन्होंने कहा कि अभियोजकों ने आरोपों की पुष्टि नहीं की और मामले को खारिज़ कर दिया.
नवंबर 2022 में ताइवान छोड़ चुके रेज़ से बीबीसी का सीधा संपर्क नहीं हो सका.
पोलैंड के ताइपे कार्यालय ने कहा कि उन्होंने पिछले साल इस मामले में ताइवान के अधिकारियों के साथ भी सहयोग किया था और सब कुछ साफ होने के बाद रेज़ ने ताइवान छोड़ दिया था.
मीटू के मामलों पर क्या प्रतिक्रियाएं मिलीं?
ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने अपनी पार्टी की विफलताओं के लिए दो बार माफी मांगी और आरोपों का आगे आकर जवाब दिया है.
उन्होंने पिछले हफ्ते कहा था, "जिन लोगों ने यौन उत्पीड़न के बारे में बात की है वे पीड़ित थे और मैंने उनको धन्यवाद भी दिया था."
वेव मेकर्स टीवी शो के डायलॉग को दोहराते हुए उन्होंने कहा, ''इसे ऐसे ही नहीं जाने नहीं देते, ओके.''
इसके अलावा राष्ट्रपति ने यौन उत्पीड़न कानूनों को मजबूत करने और सुधारों के लिए आधिकारिक जांच का प्रस्ताव दिया है.
मीटू के मामले ताइवान की राजनीति के एक महत्वपूर्ण दौर में सामने आए हैं क्योंकि अगले साल ताइवान में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं.
शो के पटकथा लेखकों ने कहा है कि उन्हें इस तरह की सार्वजनिक प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी.
बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, ''शो में कार्यस्थल पर उत्पीड़न को संबोधित करने के लिए एक दृश्य दिखाया गया था. हमने देखा है कि कैसे एक दृश्य के जरिए लोग अपनी अपेक्षाओं को व्यक्त करने के लिए एक साझा तरीका हासिल कर सकते हैं.''
जानकारों का मानना है कि ताइवान में लिंग और यौन शोषण से जुड़ी दिक्कतों को हल करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है.
मिस सेंग जिनकी बात को पिछले हफ़्ते सुना गया और कार्रवाई हुई, वह आभारी हैं कि एक टीवी शो ने बातचीत शुरु की.
उन्होंने कहा, ''शो देखने के दौरान, मैंने एक मजबूत जुड़ाव महसूस किया था, लेकिन मेरे पास न्याय के लिए लड़ने वाले वैसे सहयोगी किरदार नहीं थे जैसे कि ड्रामे में थे.''
हालांकि सेंग एक आशंका भी जाहिर करती हैं. वो कहती हैं कि उन्हें यकीन नहीं है कि ताइवान का समाज मीटू आंदोलन को पूरी तरह से अपनाने के लिए तैयार है.
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