पाकिस्तान और चीन का नाम लिए बग़ैर जयशंकर ने खोला आतंकवाद पर मोर्चा- प्रेस रिव्यू

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं उन्हें इसकी क़ीमत चुकानी चाहिए.

अंग्रेज़ी अख़ाबर टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी ख़बर के अनुसार, प्रधानमंत्री के इस बयान पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि कुछ देश आतंकवाद को शासन-कला के एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति और दूसरों की इसे सही ठहराने की कोशिश बड़ी वजह है कि आतंकवादी का ख़तरा बढ़ता जा रहा है.

‘नो मनी फ़ॉर टेरर’ कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखते हुए जयशंकर ने चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बग़ैर कहा कि ये ज़रूरी है सभी आतंकवाद को लेकर एक और अविभाजित मत रखें.

उन्होंने कहा कि “आतंकवाद, आतंकवाद होता है और कोई राजनीतिक विचारधारा इसे न्यायोचित नहीं ठहरा सकती."

चीन ने कई बार संयुक्त राष्ट्र द्वारा पाकिस्तान से चलने वाले कई चरमपंथी संगठनों के कमांडरों को वैश्विक आतंकवादी ठहराए जाने कोशिशों को रोका है.

जयशंकर कहते हैं, “इस संकट से निपटने के लिए देशों को राजनीति से ऊपर उठना पड़ेगा. आतंकवाद से सख़्ती से सारे मोर्चों पर लड़ना होगा, हर परिस्थिति और हर जगह पर लड़ना होगा.”

विदेश मंत्री ने कहा कि नो मनी फॉर टेरर मंच आतंकवाद के लिए की जा रही वित्तीय सहायता से लड़ेगा. उन्होंने कहा, “जब बात आतंकवाद की आती है तो तो हम अपनी नज़रें कभी नहीं फेरेंगे,हम कभी आतंकवाद पर समझौता नहीं करेगें और हम न्याय सुनिश्चित करने कीहर संभव कोशिश कभी नहीं छोड़ेंगे.”

उन्होंने ये भी कहा कि फेक चैरिटी और फ़ेक एनजीओ आतंकवाद को वित्तीय सहायता देने का एक ज़रिया बन गई हैं. ये ज़रूरी है कि ऐसी संस्थाओं और उनके ऑपरेशन को रोका जाए.

उन्होंने अपील की कि आतंकवादियों को किसी भी तरह के हथियार और उसे बनाने वाले सामानों की मदद ना की जाए और उस देश के साथ खड़े होने की ज़रूरत है जिसके खिलाफ़ आतंकवाद किया जा रहा है. जयशंकर ने कहा, “भारत अपने सहयोगियो के साथ आंतकवाद की ओर से वैश्विक सुरक्षा और स्थाईत्व को मिलने वाली चुनौतियों के बार-बार सामने लाता रहेगा. हम इस संकट पर और इसे पालने-पोसने वालों पर बार-बार प्रकाश डालते रहेंगे.”

जयशंकर ने जानकारी दी कि 15 दिसंबर को संयुक्त राज्य की अध्यक्षता में भारत 'आतंकवादी कृत्यों के कारण अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा: आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए वैश्विक दृष्टिकोण - चुनौतियां और आगे का रास्ता' पर एक ब्रीफिंग करेगा.

भारत रूसी तेल बांग्लादेश भेज सकता है

अंग्रेज़ी बिजनेस अख़बार इकॉनमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत बांग्लादेश में रूसी तेल और गैस भेजने के लिए ट्रांजिट देश के रूप में उभरने की संभावना तलाश रहा है. इससे पहले तुर्की भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश को इस तरह की आपूर्ति के लिए ट्रांजिट देश के रूप में उभरने की पहल कर चुका है.

तुर्की ने बांग्लादेश को रूसी तेल और गैस की आपूर्ति के लिए एक ट्रांज़िट मार्ग के रूप में उभरने में रुचि जताई है, लेकिन अख़बार कहता है कि भारत अपनी भौगोलिक स्थिति और बांग्लादेश के साथ मज़बूत राजनीतिक संबंधों को देखते हुए ट्रांज़िट में सहायता के लिए तरीके तलाश रहा है.

बांग्लादेश में तुर्की के राजदूत मुस्तफ़ा उस्मान तुरान ने बुधवार को कहा कि रूसी ऊर्जा आपूर्ति के लिए ट्रांज़िट देश बनकर बांग्लादेश की मदद करने में तुर्की को "बेहद खुशी" होगी.

बेंगलुरु में वोटर्स के डेटा के साथ धोखाधड़ी, बीजेपी सवालों के घेरे में

कोलकाता से प्रकाशित होने वाले अंग्रेज़ी अख़बार द टेलीग्राफ़ में छपी ख़बर के अनुसार, कर्नाटक में सत्तारूढ़ बीजेपी पर आरोप लगाया गया है कि वह एक एनजीओ के ज़रिए धोखे से बेंगलुरु के मतदाताओं के जाति डेटा और अन्य विवरणों को जुटा रही है, ताकि वह आगामी निकाय चुनावों के लिए अपने अभियान को एक क्षेत्र की जनसांख्यिकी के अनुरूप बना सके, और चुनिंदा नामों को सूची से हटा सके.

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एनजीओ ने लोगों ने नकली पहचान पत्र के साथ डोर-टू-डोर जाकर डेटा जुटाने का अभियान चलाया, एनजीओ के कर्माचारियों ने मतदाताओं का का धोखे से विश्वास हासिल करने की कोशिश की.

विपक्षी पार्टी का कहना है कि 6 लाख मतदाताओं के नाम इस प्रक्रियाके बाद सूची से बटा दिए गए हैं. हालांकि ये सर्वे करवाने वाली नागरिक निकाय, बेंगलुरु महानगरपालिका ने इस दावे को ख़ारिज किया गया.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बेंगलुरु में 79 लाख मतदाता हैं. कांग्रेस विधायक रिज़वान अरशद ने द टेलीग्राफ को बताया कि कृष्णप्पा रविकुमार ने 2013 में एनजीओ को पंजीकृत करवाया, यह शख़्स "चिलुमे एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड" कंपनी भी चलाता है और ये कंपनी बीजेपी के लिए चुनाव संबंधी काम करती है.

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा- ताक़तवर नेता नहीं होगा तो आफ़ताब हर शहर में पैदा होंगे

अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, दिल्ली में हाल ही में सामने आए श्रद्धा वालकर मर्डर केस में लड़की के लिव-इन पार्टनर आफ़ताब पूनावाला ने उसकी हत्या कर शव के कई टुकड़े किए, इस केस का ज़िक्र करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे ‘लव जिहाद’ से जोड़ा और कहा कि अगर देश में ताक़तवर नेता नहीं होंगे तो एक आफ़ताब हर शहर में पैदा होंगा.

इसके बाद उन्होंने लोगों से नरेंद्र मोदी को साल 2024 में एक बार फिर प्रधानमंत्री चुनने की अपील की.

गुजरात के कच्छ में एक रैली को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा, “ आपने अभी सुना है, देश का माहौल. कोई आफ़ताब श्रद्धा बहन को मुंबई से लेकर आया और लव जिहाद के नाम पर 35 टुकड़े कर दिए. और इसके बाद शरीर को फ्रिज़ मे रखा.जब शव फ़्रिज में था तभीएक और लड़की लेकर आया, और वहां डेटिंग करना शुरू कर दिया. तो देश में अगर एक तकतवर नेता नहीं होगा, देश को मां मानने वाली सरकार नहीं होगी तो हर शहर में ऐसा आफ़ताब पैदा होगा. हम हमारे समाड की रक्षा नहीं कर पाएंगे. ”

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