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अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने के लिए जान जोखिम में क्यों डाल रहे हैं कई लोग?
अफ़ग़ानिस्तान में लोगों की तकलीफ़ें कम होने का नाम नहीं ले रहीं. देश के हर तीन में से एक शख़्स को खाने के लिए जूझना पड़ रहा है.
ऊपर से तालिबान सरकार ने महिलाओं की पढ़ाई और काम करने पर पाबंदियां लगा दी हैं.
इन हालात में हज़ारों अफ़ग़ान हर रोज़ देश छोड़ने की कोशिश करते हैं लेकिन ये काम मुश्किल होता जा रहा है क्योंकि पाकिस्तान, ईरान और तुर्की जैसे देश अवैध ढंग से आने वालों पर सख़्ती बरतते जा रहे हैं.
बीबीसी को ये जानने का मौक़ा मिला कि जो लोग अफ़ग़ानिस्तान से भागना चाहते हैं वो कितना बड़ा ख़तरा मोल लेते हैं?
देखिए अफ़ग़ानिस्तान से बीबीसी संवाददाता योगिता लिमये और ब्रिटेन से बीबीसी संवाददाता इमोगन एंडर्सन और संजय गांगुली की ये रिपोर्ट जिसके कुछ हिस्से आपको परेशान कर सकते हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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