You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
बीजेपी और चिराग में बनी सहमति, अब क्या करेंगे उनके चाचा पशुपति पारस- प्रेस रिव्यू
बिहार में बीजेपी ने सीटों के बँटवारे को लेकर अपनी सबसे बड़ी दुविधा का हल निकाल लिया है.
सीट शेयरिंग को लेकर बीजेपी के सामने सबसे बड़ा सवाल ये था कि वो चिराग पासवान के साथ जाए या उनके चाचा पशुपतिनाथ पारस से गठबंधन करे.
लेकिन बीजेपी ने चाचा की जगह भतीजे को साथ लेने का फ़ैसला किया है.
‘इकनॉमिक टाइम्स’ ने चिराग पासवान और बीजेपी के बीच सीटों के तालमेल को लेकर विस्तृत रिपोर्ट छापी है.
अख़बार लिखता है कि बीजेपी को लगता है कि वोटर चिराग पासवान के साथ हैं.
बीजेपी ने चिराग पासवान के धड़े को पाँच सीटें देने का वादा किया है. पासवान तक ये संदेश बीजेपी नेता मंगल पांडे के ज़रिये पहुँचाया गया.
बीजेपी से डील के बाद पशुपति पारस कैंप के दो सांसद वीणा देवी और अली कैसर चिराग पासवान के कैंप में शामिल हो गए.
जून 2021 में चिराग और उनके चाचा पशुपति पारस अलग हो गए थे. पारस अपने साथ पाँच सांसदों को लेकर अलग हुए थे.
पशुपतिनाथ पारस इसके बाद मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हो गए थे.
बिहार के जातिगत सर्वे से पता चला है कि बिहार में पासवान जाति के लोगों की आबादी 5.3 फ़ीसदी है.
ऐसा माना जाता है कि पासवान जाति के लोगों के ज़्यादातर वोट चिराग पासवान के पास ही है.
पशुपतिनाथ पारस अब क्या करेंगे
इस बीच, पशुपतिनाथ पारस ने शुक्रवार को अपनी पार्टी के नेताओं की बैठक बुलाई है.
पशुपतिनाथ पारस समर्थक नेताओं का कहना है कि वो बीजेपी की ओर से चिराग पासवान से आधिकारिक गठबंधन के एलान का इंतज़ार कर रहे हैं. इसके बाद ही वो अगला क़दम उठाएंगे.
अख़बार लिखता है कि पारस और उनके समर्थक नेताओं को एनडीए में लाने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अहम भूमिका निभाई थी.
लेकिन बीजेपी ने चिराग पासवान के साथ जाने का संकेत देकर यह जता दिया है कि एनडीए गठबंधन में किसकी चल रही है.
'इंडियन एक्सप्रेस' लिखता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) को बीजेपी के साथ सीट बँटवारे में 16 सीटें मिल सकती हैं.
उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) को एक-एक सीट दी जा सकती है. 2019 की तरह ही बीजेपी इस बार भी 17 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.
पशुपतिनाथ पारस समर्थक नेताओं का कहना है कि वो बीजेपी की ओर से चिराग पासवान से आधिकारिक गठबंधन के एलान का इंतज़ार कर रहे हैं. इसके बाद ही वो अगला क़दम उठाएंगे.
बिहार में क्या है सीट बँटवारे का हिसाब
मल्लाह समुदाय के जनाधार वाली मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को भी एक सीट मिल सकती है.
चिराग को हाजीपुर से चुनाव लड़ने की इजाज़त मिल सकती है. हालांकि उनकी पार्टी जमुई, खगड़िया या समस्तीपुर सीट से चुनाव लड़ेगी या नहीं, ये अभी साफ़ नहीं है.
चिराग पासवान की पार्टी के एक सूत्र ने बताया, ''खगड़िया और समस्तीपुर में उम्मीदवारों का चयन मुश्किल होगा. अगर बीजेपी समस्तीपुर रखती है तो वो उसे यहां किसे उतारेगी? उसके सामने पशुपतिनाथ पारस और रामविलास पासवान के सबसे छोटे भाई के बेटे प्रिंस राज के बीच किसी का चयन करना होगा. ये बीजेपी पर है कि वो पासवान परिवार के मतभेदों को कैसे दूर करती है.’’
जनता दल यूनाइटेड और बीजेपी के बीच में सीटों की अदला-बदली हो सकती है. सूत्रों का कहना है कि जनता दल (यूनाइटेड) जमुई सीट से लड़ना चाहती है. बीजेपी चाहती है कि जनता दल यूनाइटेड उसे किशनगंज सीट दे. इसके बदले उसे कोई और सीट दी जा सकती है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की नज़र बाल्मिकी नगर सीट पर भी है. इस सीट पर इस समय जनता दल (यूनाइटेड) का कब्जा है.
सीट शेयरिंग को लेकर हो रही सौदेबाजी सबसे ज्यादा घाटा उपेंद्र कुशवाहा हो सकता है.
घाटे में रहेंगे उपेंद्र कुशवाहा
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी दो सीट मांग रही है. लेकिन अब लग रहा है कि उन्हें सिर्फ़ एक सीट -काराकाट मिल सकती है. इस सीट से फ़िलहाल जनता दल (यूनाइटेड) के महाबलि सिंह सांसद हैं. जीतन राम मांझी गया सीट से लड़ सकते हैं. इस समय यहां से जनता दल (यूनाइटेड) विजय कुमार सांसद हैं.
मल्लाह या निषाद समुदाय के लिए ईबीसी कोटा की मांग करने वाले सहनी की नज़र मुजफ्फरपुर या खगड़िया लोकसभा सीट है. सहनी ने एनडीए में शामिल होने लिए मल्लाह समुदाय को ईबीसी में शामिल करने की मांग की थी.
अख़बार लिखता है कि चिराग पासवान और बीजेपी के बीच गठबंधन की संभावनाओं की ख़बरों के बाद पशुपति नाथ पारस ने अपने समर्थकों के साथ अलग से बैठ कर आगे की रणनीति पर चर्चा की.
बीजेपी के एक नेता ने कहा, ''उन्हें राजनीतिक वजूद बचाए रखने के लिए एनडीए की जरूरत है. अगर वो हाजीपुर से चुनाव लड़ने पर अड़े रहे तो उनका दांव उल्टा पड़ सकता है.''
बीजेपी के इस नेता ने याद दिलाया कैसे पारस ने 2019 में बीजेपी से अनुरोध किया था कि वो नीतीश को कहें कि रामविलास पासवान की इस सीट पर अपना उम्मीदवार न खड़ा करें .
चिराग के बीजेपी के साथ आने के बाद वो भी उस गठबंधन में आ जाएंगे, जिसके उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नीतीश कुमार भी हिस्सा हैं.
बुधवार को चिराग पासवान ने बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाक़ात की थी. इसके बाद ही बिहार में उनकी पार्टी और बीजेपी के बीच सीटों के तालमेल पर लगभग मुहर लग गई थी.
उन्होंने कहा था कि सीट शेयरिंग की घोषणा जल्द होगी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)