पर्यावरण और विकास के बीच फंसे अरावली को लेकर क्या कहते हैं यहां के लोग?
पर्यावरण और विकास के बीच फंसे अरावली को लेकर क्या कहते हैं यहां के लोग?
गुजरात से राजस्थान, हरियाणा होते हुए दिल्ली तक फैला अरावली सिर्फ़ एक भौगोलिक संरचना नहीं है.
यह उत्तर भारत के लिए एक प्राकृतिक ढाल है, रेगिस्तान को आगे बढ़ने से बांधने वाली, ज़मीन के भीतर पानी को थामे रखने वाली और हवा में उड़ने वाली धूल को रोकने वाली.
लेकिन आज यही अरावली क़ानूनी विवाद, खनन पट्टों और विकास बनाम संरक्षण की बहस के केंद्र में खड़ा है.
इसे लेकर यहां के स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का क्या कहना है? देखिए राजस्थान के अलवर से ये ग्राउंड रिपोर्ट.
रिपोर्ट: दिलनवाज़ पाशा
शूट, एडिट: दीपक जसरोटिया
(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)



