You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
फ्रांस: नाहेल की दादी की प्रदर्शनकारियों से अपील-हिंसा का रास्ता छोड़ें, पीएम ने क्या कहा
फ्रांस में 17 साल के एक युवा को गोली मारे जाने की घटना के बाद से वहां हो रहे विरोध प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन भी जारी रहे.
रिपोर्टों के मुताबिक रविवार को बीते दिनों के मुक़ाबले हिंसक घटनाओं में कमी आई है.
इस बीच मारे गए युवा नाहेल एम की दादी नादिया ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वो शांति बनाए रखें और हिंसा का रस्ता छोड़ें.
फ्रांस के बीएफ़एम टीवी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि नाहेल की मौत को एक बहाने की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.
उन्होंने कहा, "वो लोग नाहेल का बहाना लेकर हिंसा कर रहे हैं. नाहेल मर चुका है. मेरी बेटी भी अब खो चुकी है, उसमें जान बाकी नहीं है."
उन्होंने प्रदर्शनकारियों से हिंसा ख़त्म करने की अपील की और कहा, "हम नहीं चाहते कि वो दुकानों को तबाह कर दें. स्कूलों को तबाह मत कीजिए, बसों को नष्ट मत करिए, मेरे जैसी मां ही होती हैं जो बसों में सफर करती हैं."
शनिवार रात प्रदर्शनकारियों ने पेरिस के उपनगरीय इलाक़े लयले होज़ में मेयर विसेंट ज्यांब्रां के घर पर हमला किया. इसमें उनकी पत्नी घायल हो गईं.
हिंसा पर काबू पाने के लिए 45 हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. राजधानी पेरिस के आसपास ही सात हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
जर्मनी ने कहा- फ्रांस पर है नज़र
जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शोल्त्ज़ ने कहा है कि उनके पड़ोस फ्रांस में जो कुछ हो रहा है उस पर उनकी नज़र है.
जर्मनी के टीवी टेलन एआरडी से बातचीत में उन्होंने कहा, "फ्रांस हमारे पड़ोसी है जिसके साथ हमारे दोस्ताना संबंध हैं. इसलिए हम चिंता करते हैं और वहां हो रही घटनाओं पर हमारी नज़र है."
"मुझे उम्मीद है और मैं मानता हूं कि फ्रांस के राष्ट्रपति जल्द से जल्द स्थिति बेहतर बना सकेंगे."
इससे पहले फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैमनुएल मैक्रों की जर्मनी दौरा आख़िरी घड़ी में टाल दिया गया था.
बारूद के ढेर पर बैठा है देश
लिले मे मौजूद बीबीसी संवाददाता डेविड घिग्लियोन ने वहां कुछ लोगों से बात की.
यहां हिंसा में कुछ कमी आई है लेकिन नाहेल की मौत के बाद हुई घटनाओं ने यहां सामाजिक असमानता, नस्लीय भेदभाव और पोलिसिंग को लेकर बहस छेड़ दी है.
लिले से रुबिक्स इलाक़े में रहने वाले 54 साल के अमर एक सरकारी इमारत की तरफ इशारा करते हैं जिसे प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया था.
वो डेविड घिग्लियोन से कहते हैं, "लगता है कि फ्रांस बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है."
वो कहते हैं, "यहां वो सब है जिसके कारण नाराज़गी है- बेरोज़गारी, हाउसिंग से जुड़ी समस्या, सामाजिक परेशानियां. आग की एक चिनगारी लगी नहीं कि आग जल उठेगी."
मेयर के घर पर हमला
शनिवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस सड़कों पर हज़ारों की संख्या में पुलिसबलों को तैनात किया गया, वहीं मार्साए में शनिवार रात पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई.
प्रदर्शनों के पांचवी रात पेरिस के उपनगरीय इलाक़े लयले होज़ में हमलावरों ने मेयर विसेंट ज्यांब्रां के घर से एक कार टकरा दी और घर में आग लगाने की कोशिश की. जिस वक्त ये हमला हुआ उस वक्त मेयर अपने दफ़्तर में थे. उनकी पत्नी उस वक्त घर पर थीं और घर से बाहर निकलने के दौरान वो घायल हो गईं.
फ्रांसीसी प्रधानमंत्री एलिज़ाबेथ बॉर्न ने इस घटना की आलोचना की इसे चौंकाने वाली घटना कहा है. उन्होंने कहा कि हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
अभियोजक इस मामले की जांच हत्या की कोशिश के मामले के तौर पर कर रहे हैं.
वित्त मंत्री ब्रूनो ले मेयर ने कहा है कि अब तक क़रीब 700 दुकानों, सुपरमार्केट, रेस्त्रां और बैंकों को लूटा गया है, कई दुकानों को जलाया भी गया है.
पांचवी रात हुई हिंसा के मामलों में क़रीब 700 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इससे एक दिन पहले गृह मंत्रालय ने 1311 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की ख़बर दी थी. इससे पहले एक रात में क़रीब 870 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
पूरे देश में अलग-अलग जगहों पर स्थानीय प्रशासन ने विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगा दी है, साथ ही शाम के बाद सार्वजनिक यातायात पर भी पाबंदी लगाई है.
इससे पहले शनिवार को नाहेल की अंत्येष्टि की गई. इस मौक़े पर नानतेरे की इब्न बदिस मस्जिद में एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. स्थानीय अख़बारों के अनुसार बड़ी संख्या में लोग इसके लिए मस्जिद आए.
फ़्रांस में अल्जीरियाई मूल के 17 वर्षीय किशोर की पुलिस की गोली से हुई मौत के बाद पूरे देश में भड़की हिंसा की आग थमी नहीं है.
27 जून 2023 को फ्रांस के शहर नानतेरे में एक ट्रैफिक चेक पोस्ट पर 17 साल के नाहेल एम को एक पुलिसकर्मी ने गोली मारी. उनकी मौत हो गई.
इस घटना का वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरु हो गए. इन प्रदर्शनों ने जल्द हिंसक रूप अख्तियार कर लिया.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)