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मोहम्मद रफ़ी के गांव में आया वो फ़कीर, जिसने उन्हें संगीत की ओर मोड़ा
मोहम्मद रफ़ी के गांव में आया वो फ़कीर, जिसने उन्हें संगीत की ओर मोड़ा
मोहम्मद रफ़ी का इंतक़ाल हुए 38 बरस गुज़र चुके हैं लेकिन उनकी आवाज़ की ताक़त ऐसी थी कि वो आज भी हमारे बीच हैं.
साल 1977 में रफ़ी ने बीबीसी हिन्दी से ख़ास बातचीत की थी जिसमें उन्होंने बताया था कि संगीत की तालीम लिए बिना वो इतने शानदार गायक कैसे बने, बचपन में वो कैसे एक फ़कीर के पीछे भागा करते थे और बिना भाषा जाने वो किस तरह अलग-अलग ज़बानों में गाने गा लिया करते थे.
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