बांग्लादेश से शेख हसीना की विदाई का भारत पर क्या असर होगा, वहां हालात अचानक इतने क्यों बिगड़े?
भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले 53 सालों से द्विपक्षीय संबंध हैं. पिछले साल नई दिल्ली में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत ने बांग्लादेश को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था.
बांग्लादेश एकमात्र ऐसा पड़ोसी देश था जिसे भारत ने जी-20 में इतनी तवज्जो दी थी, लेकिन अब शेख हसीना का प्रधानमंत्री ना रहना भारत के लिए कई मुश्किलें पैदा कर सकता है.
बांग्लादेश की राजनीति के दो बड़े और प्रमुख चेहरे हैं- बांग्लादेश अवामी लीग की शेख़ हसीना और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की खालिदा ज़िया. पिछले 15 सालों से बांग्लादेश में शेख़ हसीना की पार्टी अवामी लीग की सरकार थी और वे प्रधानमंत्री की कुर्सी पर काबिज थीं.

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मौजूदा घटनाक्रम का भारत पर क्या असर हो सकता है?
रिपोर्ट: सर्वप्रिया सांगवान
शूट-एडिट: देबलिन रॉय
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