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दुनिया भर में बीबीसी के सबसे अधिक दर्शक-पाठक भारत में
ताज़ा आँकड़े बताते हैं कि दर्शकों और पाठकों की संख्या के मामले में भारत बीबीसी के लिए पहले नंबर पर बना हुआ है.
भारत में बीबीसी का कंटेंट आठ करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँच रहा है.
इसमें वे दर्शक, पाठक और श्रोता शामिल हैं जो सप्ताह में कम-से-कम एक बार बीबीसी का कटेंट अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर देखते-पढ़ते या सुनते हैं.
बुधवार को जारी किए गए नए आंकड़ों के मुताबिक़, भारत बीबीसी न्यूज़ के लिए पिछले सालों की तरह इस साल भी सबसे बड़ी ऑडियंस वाला देश बना हुआ है.
भारत में बीबीसी के कंटेंट देखने-पढ़ने वालों की तादाद में पिछले साल के मुकाबले सात प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
पिछले साल के मुक़ाबले भारत में बीबीसी का कंटेंट देखने-पढ़ने और सुनने वाले लोगों की तादाद में 52 लाख से अधिक नए लोग जुड़े हैं.
बीबीसी का कंटेंट हिंदी और अंग्रेज़ी के अलावा, तमिल, गुजराती, पंजाबी, मराठी, तेलुगू, उर्दू और बांग्ला जैसी भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध है.
ताज़ा आंकड़े ये भी बताते हैं कि भारत के बाद दर्शकों तक पहुँच की तादाद के मामले में दूसरा नंबर अमेरिका और तीसरा नाइजीरिया का है.
बीबीसी वर्ल्ड सर्विस जिन भाषाओं में न्यूज़ कंटेंट उपलब्ध कराता है उनमें दर्शकों की संख्या के लिहाज से बीबीसी न्यूज़ हिंदी पहले नंबर पर है, वह पिछले तीन सालों से पहले नंबर पर है.
बीबीसी की ग्लोबल ऑडियंस मेजर (गैम) के आंकड़ों के मुताबिक़ बीबीसी न्यूज़ हिंदी के दर्शकों की संख्या में 27 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
हिंदी के अलावा तेलुगू और गुजराती जैसी भारतीय भाषाओं में ऑडियंस की तादाद बढ़ी है.
पब्लिक सर्विस ब्रॉडकास्टर
बीबीसी के डायरेक्टर जनरल टिम डेवी ने ताज़ा आंकड़ों के बारे में कहा, "बीबीसी का लक्ष्य बहुत साफ़ है, पब्लिक सर्विस कंटेंट और सेवाएँ उपलब्ध कराना जो सब तक पहुँच सके, जो सबके लिए बेहतरी लाए, हम जो भी करते हैं उसमें सबसे ज़्यादा ध्यान इसी बात पर रहता है कि हम पब्लिक सर्विस ब्रॉडकास्टिंग के फ़ायदे लोगों तक पहुँचाते रहें."
बीबीसी ने अपनी कुछ प्राथमिकताएँ सामने रखी हैं जिनमें दुनिया भर में लोगों की समाचारों को समझने में मदद करना, विविधता से भरे संसार में सभी लोगों के लिए निष्पक्ष समाचार देना, निर्भीक पत्रकारिता करना, रचनात्मकता और अलग पहचान को हर काम के केंद्र में रखना शामिल है.
दुनिया भर में 42 अलग-अलग भाषाओं में बीबीसी की कवरेज से करोड़ों लोग रूबरू होते हैं.
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