समुद्र की तह में समाए टाइटैनिक की मशहूर रेलिंग अब किस हाल में है?

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- Author, रेबेका मोरेल और एलिसन फ्रांसिस
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़ साइंस
एक तस्वीर ऐसी है जिसे देखते ही टाइटैनिक के मलबे को तुरंत पहचाना जा सकता था. वो है जहाज का अगला हिस्सा. ये अटलांटिक महासागर की गहराई में अंधेरे से बाहर निकलता हुआ दिखाई दे रहा था.
अब एक नए खोज अभियान ने जहाज की इस रेलिंग वाले हिस्से में धीमी गति से होने वाले बदलाव को उजागर किया है. इसके मुताबिक़ जहाज की रेलिंग का बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया है. इस अभियान को एक निजी कंपनी ने रोबोटिक व्हीकल्स की मदद से अंजाम दिया है.
अगर आपने टाइटैनिक फ़िल्म देखी हो, तो आपको वो दृश्य जरूर याद होगा, जिसमें जैक (लियोनार्डो डि केप्रियो) और रोज़ (केट विंसलेट) रेलिंग पर खड़े होकर एक पोज़ देते हैं, जो बाद में यादगार बन गया.
इस साल की गर्मियों ने एक रोबोट ने इस रेलिंग की तस्वीरें लीं और उनसे पता चला कि लहरों के नीचे 100 से ज़्यादा सालों के बाद जहाज का मलबा किस तरह बदल रहा है.

दरअसल, यह जहाज अप्रैल 1912 में एक हिमखंड से टकराने के बाद डूब गया था. इसमें 1500 लोगों की मौत हो गई थी.
कंपनी आरएमएस टाइटैनिक में डायरेक्टर टॉमासीना रे ने कहा, '' टाइटैनिक का झुका हुआ हिस्सा बहुत मशहूर और लोकप्रिय है. जब कभी भी आप किसी जहाज के समुद्र में चट्टान से टकराने या तूफान में फंसकर नष्ट हो जाने और डूब जाने की घटना के बारे में सोचते हैं, तो आपके दिमाग़ में टाइटैनिक जैसा ही दृश्य आता है. लेकिन अब यह वैसा नहीं दिखता है.''
जहाज के मलबे में क्या-क्या बदलाव आए?

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टॉमासीना रे कहती हैं, ''यह हर दिन हो रहे नुक़सान की एक और चेतावनी है. लोग हमेशा पूछते हैं कि 'टाइटैनिक वहां कब तक रहेगा?' हम यह नहीं जानते हैं. मगर, हम इसे अभी देख पा रहे हैं. दरअसल, एक समय के बाद धातु भी अपनी मज़बूती छोड़ने लगती है और आख़िर में झुक जाती है.''
टीम का मानना है कि रेलिंग का वह हिस्सा, जो लगभग 4.5 मीटर (14.7 फीट) लंबा है, पिछले दो सालों में गिरा है.
दरअसल, साल 2022 में डीप-सी मैपिंग कंपनी मिजालिन और डॉक्युमेंट्री निर्माता एटलांटिक प्रोडक्शन ने एक अभियान शुरू किया गया.
ये तस्वीरें और डिजिटल स्कैन उसी अभियान की खोज का हिस्सा हैं. इसमें दिखाया गया था कि पहले ये रेलिंग्स आपस में जुड़ी हुई थीं. मगर, अब इनके झुकने की शुरुआत हो चुकी है.
और क्या जानकारियां सामने आईं?

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जहाज का केवल यही हिस्सा नहीं है, जो 3800 मीटर नीचे जा चुका है और समुद्र में गुम हो चुका है. बाकी हिस्सों को भी सूक्ष्म जीव दशकों से नष्ट कर रहे हैं. कुछ हिस्सों पर जंग की एक परत चढ़ चुकी है.
पिछले खोज अभियानों में पाया गया है कि टाइटैनिक के कुछ हिस्से ढह रहे हैं. इससे पहले, साल 2019 में विक्टर वेस्कोवो ने भी एक खोज अभियान के तहत समुद्र की तह में पहुँचे थे.
इस दौरान पता लगा था कि जहाज में बने अधिकारियों के क्वार्टर और कमरे नष्ट होकर गिर रहे थे.
आरएमएस टाइटैनिक कंपनी का यह अभियान इस साल गर्मियों में जुलाई और अगस्त के महीने में चला था.
इस दौरान, रिमोट से संचालित दो रोबोटिक वाहनों ने जहाज के मलबे की 20 लाख से ज़्यादा तस्वीरें और 24 घंटे की एचडी फुटेज ली. इसमें दिखा कि जहाज के डूबने के कारण इसकी रेलिंग टूटकर अलग हो चुकी थीं और इनके आसपास मलबा पड़ा था.
कंपनी अब इस फुटेज को पूरी सावधानी से देख रही है, ताकि जहाज़ के पूरे मलबे का विस्तृत 3डी स्कैन तैयार किया जा सके. जब ये काम पूरा हो जाएगा तो और भी तस्वीरें सामने आएंगी.
मलबे में सालों पुरानी बेशकीमती मूर्ति मिली

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टीम ने बताया कि अभियान के दौरान उन्हें वो कलाकृति मिली, जिसे खोजना उनकी सूची में था. तमाम दिक्कतों के बाद ये मूर्ति खोज ली गई.
साल 1986 में कांसे की मूर्ति देखी गई थी और इसकी तस्वीर रॉबर्ट बालार्ड ने ली थी. इस मूर्ति को डायना ऑफ़ वर्सेल्स कहा गया था. एक साल पहले टाइटैनिक के मलबे में ये मिली थी. हालांकि,इसकी लोकेशन का पता नहीं लग पाया था और 60 सेमी लंबी इस आकृति फिर दोबारानहीं दिखी थी.
हालाँकि,अब इसे मलबे में मुँह के बल लेटा हुआ पाया गया है.
एक टाइटैनिक रिसर्चर और विटनेस टाइटैनिक पॉडकास्ट की प्रेजेंटर जेम्स पेनका ने बताया कि यह भूसे के ढेर में सुई को खोजने जैसा था और इस साल इसे फिर से खोजना सबसे अहम था.
इसे कभी टाइटैनिक के फर्स्ट क्लास के यात्रियों के सामने प्रदर्शित करने के लिए रखा गया था.
जेम्स पेनका ने बताया, ''टाइटैनिक में फर्स्ट क्लास लाउंज सबसे ज्यादा खूबसूरत और बड़ा कमरा था. उस कमरे का मुख्य आकर्षण डायना ऑफ वर्सेल्स थी. लेकिन, दुर्भाग्यवश जब टाइटैनिक दो हिस्सों में टूटकर डूब रहा था, तब लाउंज भी दो हिस्सों में टूट गया. डायना की मूर्ति भी टूट गई और मलबे के ढेर में जा मिली.''
आरएमएस टाइटैनिक के पास टाइटैनिक को बचाने का अधिकार है और यह एकमात्र ऐसी कंपनी है जिसे क़ानूनी तौर पर जहाज के मलबे वाली जगह से सामान निकालने की अनुमति है.

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पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने जहाज के मलबे के ढेर से हजारों हिस्से निकाले हैं. इनमें से कुछ हिस्सों को दुनिया में प्रदर्शित भी किए गया. अगले साल उनकी योजना है कि एक बार फिर वहां जाकर कुछ और हिस्से निकाले जाएं.
डायना की मूर्ति इनमें से एक है, जिसे वो फिर से वापस लाना चाहते हैं. मगर, कुछ लोग मानते हैं कि जहाज का मलबा एक कब्र के समान है, जिसे वहीं छोड़ दिया जाना चाहिए.
पेन्का का कहना है, ''डायना का मूर्ति का फिर से मिलना इस बात का मज़बूत तर्क है कि टाइटैनिक को वैसा ही छोड़ देना है.''
जेम्स पेन्का कहते हैं कि यह मूर्ति देखने और इसकी तारीफ़ के मकसद से बनाई गई थी और अब यह सुंदर समुद्र के तल में है. समंदर की गहराई में ये 112 सालों से डूबी है.
वो कहते हैं कि डायना को वापस लाना चाहिए ताकि लोग उसे अपनी आँखों से देख सकें और इसके इतिहास, क़ीमत, संरक्षण, गोताखोरी और मूर्तिकला के प्रति लोगों में प्रेम जगे.












