मनु भाकर पेरिस ओलंपिक में तीसरा मेडल जीतने से चूकीं पर पहले ही रच चुकी हैं इतिहास

निशानेबाज़ मनु भाकर की पेरिस ओलंपिक में लगातार तीसरा मेडल जीतने की तमन्ना आख़िरकार शनिवार को टूट गई. हालांकि वो ओलंपिक में इतिहास पहले ही रच चुकी हैं.

मनु भाकर 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में चौथे पायदान पर रहीं. इससे पहले उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा और मिक्स्ड 10 मीटर एयर पिस्टल टीम स्पर्धा का कांस्य पदक जीता था.

मनु भाकर एक ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय हैं. इस तरह से वो एक नया इतिहास रच ही चुकी हैं.

इसके अलावा मनु भाकर ने जब पहली बार 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का कांस्य पदक अपने नाम किया था तब वो किसी भी ओलंपिक में निशानेबाज़ी में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला थीं.

जब खोला भारत के लिए खाता

ओलंपिक की शुरुआत के बाद से शुक्रवार तक भारत के खाते में अब तक तीन मेडल आए थे जो कि तीनों कांस्य पदक थे.

इन पदकों का खाता भी मनु भाकर ने ही बीते रविवार 28 जुलाई को खोला था जब उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता.

पहला मेडल जीतने के दो दिन बाद ही मंगलवार 30 जुलाई को मनु भाकर ने अपना दूसरा मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था.

उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल के मिक्स्ड टीम इवेंट में सरबजोत सिंह के साथ कांस्य पदक जीता था.

इन दोनों ने कोरियाई जोड़ीदार ओ ये जिन और ली वून्हो को 16-10 से हराया. कोरियाई जोड़ी में ओ ये जिन वही शूटर हैं जिन्होंने रविवार को 10 मीटर एयर पिस्टल के महिला वर्ग में गोल्ड मेडल हासिल किया था.

जिन इस कदर फॉर्म में थीं कि उन्होंने नए ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया था.

लेकिन मिक्स्ड टीम इवेंट में मनु- सरबजोत सिंह की जोड़ी ने कोरियाई जोड़ीदारों का रंग फीक़ा कर दिया.

बीबीसी इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर 2020 हैं मनु

साल 2021 में मनु भाकर ने 'बीबीसी इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर 2020' अवॉर्ड जीता था. इस सम्मान को हासिल करते हुए उन्होंने अपने इरादे ज़ाहिर किए थे कि उन्हें देश के लिए ज़्यादा से ज़्यादा मेडल हासिल करने हैं.

उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि, "मुझे मालूम हुआ है कि आप लोग लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के साथ इर्मेंजिंग इंडियन स्पोर्ट्सवुमेन का अवार्ड दे रहे हैं, तो मुझे बहुत अच्छा लगा."

मनु भाकर ने कहा था, "लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए आपको बहुत लंबे समय तक अच्छा करना होता है, बहुत हासिल करना होता है. तब जाकर आप को यह सम्मान मिलता है, जबकि इमर्जिंग अवॉर्ड उनको मिलता है जो अच्छा कर सकते हैं, जो देश के लिए ज़्यादा मेडल हासिल कर सकते हैं."

'बीबीसी इंडियन स्पोर्टसवुमन ऑफ़ द ईयर' के तहत 'बीबीसी इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर 2020' अवॉर्ड कैटेगरी में उभरती महिला खिलाड़ी का सम्मान किया जाता है.

'बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर' का मकसद है भारतीय महिला खिलाड़ियों और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करना, महिला खिलाड़ियों की चुनौतियों पर चर्चा करना और उनकी सुनी-अनसुनी कहानियों को दुनिया के सामने लेकर आना.

ज़ाहिर है बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर के कार्यक्रम में मनु भाकर ने मिले सम्मान को अपने इरादे से जोड़कर एक सूत्र में पिरो दिया था.

कभी हार न मानने की प्रेरणा

16 साल की उम्र में ही मनु भाकर कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी बन गई थीं.

साल 2018 में गोल्ड कोस्ट गेम्स में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था.

एक टीनेज शूटिंग स्टार के रूप में हरियाणा की इस शूटर ने 2020 के टोक्यो ओलंपिक (कोविड की वजह से इसे 2021 में आयोजित किया गया था) से पहले वर्ल्ड कप खेलों में नौ स्वर्ण और दो रजत पदक जीते थे.

वर्ल्ड कप के प्रदर्शन को देखते हुए मनु भाकर को टोक्यो ओलंपिक में मेडल का मज़बूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अपने पसंदीदा 10 मीटर एयर पिस्टर एकल प्रतियोगिता में वो उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सकीं.

मिश्रित टीम प्रतियोगिता में भी वो कामयाब नहीं हुईं और 25 मीटर पिस्टल प्रतियोगिता के फ़ाइनल में भी नहीं पहुंच पाईं.

ओलंपिक के बाद मनु मुश्किल दौर से गुज़रीं और टोक्यो खेलों में निराशाजनक प्रदर्शन के लिए उन्हें आलोचना भी झेलनी पड़ी.

इसके बाद उन्होंने नेशनल स्क्वाड से भी अपना स्थान गंवा दिया.

अपने मौजूदा खेल करियर में उतार-चढ़ाव पर अपने अनुभव साझा करते हुए मनु ने कहा था, "जब आप गिरावट के दौर में होते हैं तो बस एक ही बात रहती है कि आप कभी भी हार न मानें और बड़ी सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करना जारी रखें."

बीते साल मनु ने कहा था, "टोक्यो में जो कुछ हुआ उससे उबरने में मुझे मुश्किलों का सामना करना पड़ा. लेकिन मुझे भरोसा था कि मैं ज़रूर वापसी करूंगी, मैं फिर से खड़ी होऊंगी."

"मैं 'स्टिल आई राईज़' शब्द से खुद को जोड़ सकती हूं और मेरे शूटिंग करियर का यह मर्म भी है. 'स्टिल आई राईज़' मेरे लिए प्रेरणादायक है, इसलिए मैंने इसका टैटू बनवाने का निर्णय लिया."

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