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शीतकालीन ओलंपिक में भारी सुरक्षा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शीतकालीन ओलंपिक खेल आज से इटली के तूरिन शहर में शुरू हो रहे हैं जिनके लिए भारी सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. अधिकारियों ने व्यापक सुरक्षा प्रबंधों के लिए दस करोड़ डॉलर ख़र्च किए हैं और लगभग 15 हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए जा रहे हैं. उदघाटन समारोह में 15 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भाग लेंगे और इस दौरान शहर के ऊपर से किसी भी विमान के उड़ने पर रोक लगाई गई है यानी नो फ्लाई ज़ोन बनाया गया है. उदघाटन समारोह के दौरान हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने के वास्ते तूरिन शहर के ऊपर नैटो के दो विमान गश्त लगाएंगे. इन खेलों के आयोजन पर हो रहे भारी ख़र्च के विरोध में प्रदर्शन भी हुए हैं और गुरूवार को इन्ही प्रदर्शनों से बचने के लिए ओलंपिक खेलों की मशाल का रास्ता बदलना पड़ा. इटली सरकार के एक वक्तव्य में कहा गया है कि वह दो मुख्य मुद्दों पर ध्यान दे रही है - एक तो पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों पर दुनिया भर में जो विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं उनका इटली के अंदर भी कुछ असर पड़ सकता है और दूसरा मुद्दा - इटली में ही अराजकतावादी और विघटनकारी गुटों का आक्रामक रुख़. सरकार ने पहले ही आगाह किया है कि अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने के इरादे से कुछ गुट कुछ गड़बड़ी कर सकते हैं. शीतकालीन ओलंपिक खेलों की मशाल दो महीने से इटली में घूम रही थी जिस दौरान मशाल लेकर चलने वाले दल को कई जगह बाधाओं का सामना करना पड़ा. गुरूवार को भी एक रेल लिंक केविरोध में प्रदर्शन हो रहा था जिससे बचने के लिए पुलिस ने मशाल का रास्ता बदला. प्रदर्शन में सैकड़ों लोग हिस्सा ले रहे थे. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सूसा खाड़ी में रेलवे की सुरंग बनाने से पर्यावरण को नुक़सान होगा और एस्बेस्टॉस और यूरेनियम वातावरण में फैलेगा. एक प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "ये गंदे खेल हैं क्योंकि इन पर भारी धन ख़र्च किया जा रहा है और हम नहीं जानते कि भविष्य में इसका कोई फ़ायदा होगा या नहीं." | इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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