|
पूर्व स्क्वॉश चैंपियन रौशन का निधन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
स्क्वॉश के पूर्व विश्व चैंपियन रौशन ख़ान का लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार छह जनवरी की रात को पाकिस्तानी शहर कराची में निधन हो गया. रौशन ख़ान को पिछले साल दिल का दौरा पड़ा था और उसके बाद से ही वो अचेतावस्था में थे. रौशन ख़ान की उम्र 78 वर्ष थी. रौशन ख़ान स्क्वॉश के पूर्व विश्व चैंपियन जहाँगीर ख़ान के पिता थे. जहाँगीर ख़ान के मुताबिक़ रौशन ख़ान उच्च रक्तचाप की वजह से अचेतावस्था यानी कोमा में चले गए थे जिसके बाद वो होश में नहीं आए. रौशन ख़ान ने पहली बार 1957 में ब्रिटिश ओपन स्क्वॉश चैंपियनशिप जीती थी. वो तीन बार यूएस स्क्वॉश ओपन के विजेता भी रहे. रौशन ख़ान 1927 में पेशावर में पैदा हुए थे. उनके पिता सेना में नौकरी करते थे लेकिन ख़ुद उन्होंने पाकिस्तानी नौसेना में नौकरी की. गेंद उठाने वाला लड़का नौसेना के अधिकारी जब स्क्वॉश खेलते थे तो रौशन ख़ान उनकी गेंद उठाने वाले लड़के का काम करते थे. बस यहीं से ही रौशन ख़ान के अंदर स्क्वॉश खेलने का शौक पैदा हुआ.
बाद में उन्हें नौसेना की तरफ़ से स्क्वॉश की प्रतियोगिता में भाग लेने का मौक़ा मिला. रौशन ख़ान की इन कामयाबियों से स्क्वॉश में पाकिस्तान का सितारा बुलंद होना शुरू हुआ. रौशन ख़ान के बेटे जहाँगीर ख़ान ने दस बार ब्रिटिश स्क्वॉश ओपन प्रतियोगिता जीतने का रिकॉर्ड बनाया. जहाँगीर छह बार विश्व स्क्वॉश प्रतियोगिता के विजेता भी रहे हैं. स्क्वॉश के इतिहास में रौशन और जहाँगीर ख़ान एकमात्र बाप और बेटे हैं जिन्होंने ब्रिटिश ओपन ख़िताब जीता. रौशन ख़ान को कई देशों ने कोचिंग की पेशकश की थी जिसे उन्होंने ठुकरा दिया और पाकिस्तान में रहने को ही प्राथमिकता दी. रौशन ख़ान के तीनों बेटों - तोरसम ख़ान, हसन ख़ान और जहाँगीर ख़ान ने स्क्वॉश खेली है. तौरसम ख़ान की मृत्यु 1979 में स्क्वॉश खेलते हुए कोर्ट में ही हुई थी. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||