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पूर्व क्रिकेट कप्तान विजय हज़ारे का निधन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान विजय हज़ारे का बडोदरा के एक अस्पताल में देहांत हो गया है. वह 89 वर्ष के थे. पिछले कुछ महीनों से विजय हज़ारे बीमार चल रहे थे. उन्हें आँत का कैंसर था. पिछले सप्ताह से वह जीवन रक्षक उपकरणों के सहारे थे. 'तकनीकी दक्षता' पूर्व कप्तान चंदू बोर्डे ने हज़ारे को याद करते हुए बीबीसी हिंदी सेवा को बताया कि भारत में गावसर को छोड़कर हज़ारे जैसी तकनीकी दक्षता वाला कोई अन्य बल्लेबाज़ सामने नहीं आ पाया है. हज़ारे ने इंग्लैंड के लॉर्ड्स मैदान पर 1946 में अपना टेस्ट जीवन शुरू किया था. उन्होंने कुल 30 टेस्ट मैच खेले. इनमें से 14 में उन्होंने कप्तानी भी की. अपने टेस्ट जीवन में हज़ारे ने सात शतक लगाए. इनमें दो शतक उन्होंने 1948 में एडीलेड टेस्ट में डॉन ब्रेडमैन की ऑस्ट्रेलियाई टीम के ख़िलाफ़ लगाए. पहली टेस्ट जीत उन्होंने सर्वाधिक 164 रन 1951 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ दिल्ली टेस्ट में बनाए थे. उसी सिरीज़ मे बाद में हज़ारे ने भारत को पहली टेस्ट जीत दिलाई जब उनकी टीम ने इंग्लैंड को मद्रास टेस्ट में एक पारी और आठ रन के अंतर से हराया. वर्ष 1951-52 में हज़ारे के ख़िलाफ़ खेल चुके इंग्लिश क्रिकेट क्लब एमसीसी के अध्यक्ष टॉम ग्रैवीनी ने उनके बारे में कहा, "वह एक बेहतरीन बल्लेबाज़ थे. उन्हें कभी कोई जल्दी नहीं रहती थी, भले ही उनका सामना फ़्रेड टुमैन की गेंदों से क्यों न हो." उन्होंने कहा, "वह एक शांत आदमी थे जो कभी किसी चीज़ को लेकर ज़्यादा उत्साहित नहीं होते थे. लेकिन निश्चय ही वह भारत के बेहतरीन क्रिकेटरों में से थे." |
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