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धराशाई हुईं टायसन की उम्मीदें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया के सबसे चर्चित मुक्केबाज़ माइक टायसन की अपना विश्व ख़िताब दोबारा हासिल करने की उम्मीदें औंधे मुँह जा गिरी हैं. शुक्रवार रात ब्रिटेन के डैनी विलियम्स ने टायसन को चौथे दौर में ही धराशायी करते हुए बॉक्सिंग इतिहास के एक बड़े उलटफेर को अंजाम दिया. शुरुआत में तो विलियम्स को टायसन के कई ज़बरदस्त मुक्कों का सामना करना पड़ा मगर उसके बाद विलिम्स ने वापसी की और तब टायसन के पास उसका कोई जवाब नहीं था. विलियम्स ने इसे अपने कैरियर का सबसे सुनहरा मौका बताया. अमरीका के 38 वर्षीय माइक टायसन का पिछले 17 महीनों में ये पहला मुक़ाबला था, जिससे टायसन काफ़ी उम्मीद लगाए बैठे थे. दीवालिया हो चुके टायसन पर 3 करोड़ 80 लाख डॉलर का क़र्ज़ है जिसे वह बॉक्सिंग रिंग में कमाल दिखा कर चुकाना चाहते हैं लेकिन इस हार से उनकी योजनाओं को झटका लगा है. इस हार के बाद टायसन का रिकॉर्ड हो गया है, 55 मुक़ाबलों में से 50 में जीत और पाँच में हार. अपने 44 विरोधियों को टायसन ने नॉकआउट किया है लेकिन इस बार डैनी विलियम्स ने सिर्फ़ टायसन को ही नहीं बल्कि उनकी बहुत सी लंबी योजनाओं को भी नॉक आउट कर दिया है. |
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