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फ़ुटबॉल स्टार माराडोना की हालत नाज़ुक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अर्जेंटीना की विश्व कप विजेता फ़ुटबॉल टीम के कप्तान रहे दिएगो माराडोना को ब्यूनस आयर्स के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वह गहन चिकित्सा कक्ष में हैं. अपने पुराने क्लब बोका जूनियर्स का एक मैच देखने के बाद रविवार को 43 वर्षीय माराडोना बीमार हो गए. जिस निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया है वहाँ के डॉक्टरों ने उनके ब्लडप्रेशर और तनाव से ग्रसित होने की बात कही है. अस्पताल के बयान में कहा गया है कि माराडोना कार्डियोमायोपैथी नामक दिल की बीमारी की चपेट में भी हैं. कृत्रिम श्वसन प्रणाली दिए जाने पर उनकी स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे बहुत ही अहम हैं.
डॉक्टरों ने अभी ये नहीं बताया है कि माराडोना अचानक कैसे बीमार पड़े. हालाँकि अर्जेंटीना के एक टीवी चैनल ने दावा किया है कि माराडोना किसी नशीली दवा के ज़्यादा सेवन के कारण बीमार हुए हैं. माराडोना के प्रशंसक अस्पताल के बाहर जुटकर उनके स्वास्थ्यलाभ की शुभकामनाएँ कर रहे हैं. स्वास्थ्य की समस्या माराडोना की नशीली दवा की समस्या पिछले कुछ वर्षों से चर्चा में रही है. उन्हें इस कारण दो बार सवा-सवा साल के लिए खेल से बाहर भी रहना पड़ा था. उन्होंने 1997 में फ़ुटबॉल से संन्यास ले लिया था.
जनवरी 2000 से वह अधिकतर समय क्यूबा में रहे हैं, जहाँ उन्होंने नशीली दवाओं का सेवन छोड़ने का प्रयास किया है. हाल के दिनों में उनका वजन भी बहुत बढ़ गया है. अपने 20 साल के फ़ुटबॉल कैरियर में माराडोना इटली और अर्जेंटीना में लीग टाइटल जीतने में सफल रहे. उनके नेतृत्व में अर्जेंटीना 1986 में विश्व कप विजेता बना और 1990 में दूसरे स्थान पर रहा. वर्ष 2000 में महानतम फ़ुटबॉलर के ख़िताब के लिए फ़ीफ़ा ने उन्हें पेले के साथ रखा था. |
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