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मंगलवार, 06 अप्रैल, 2004 को 02:18 GMT तक के समाचार
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जी-जान लगा देंगे: शब्बीर अहमद

शब्बीर अहमद
इतने काँटे की टक्कर में यदि आप पाँच विकेट भी ले सकें तो लगता है कि कम ही है
पर्ल कॉंटिनेंटल होटल के कमरे में अपने दोस्तों से घिरे पाकिस्तानी तेज़ आक्रमण के एक नए लेकिन शक्तिशाली मिसाइल हैं शब्बीर अहमद.

नेट्स पर कड़े अभ्यास के दौरान मैंने उनसे पूछा कि उनकी प्राथमिकताएँ क्या हैं?

उन्होंने बताया कि नेट्स के दौरान उनका ध्यान लाइन और लेंथ ठीक करने पर ही केंद्रित रहा.

एक दिवसीय मैचों में कई महत्वपूर्ण विकेट लेने वाले शब्बीर अहमद अपनी इन सफलताओं से संतुष्ट नहीं दिखे.

उनका कहना था, "इस सिरीज़ में आप कभी भी संतुष्ट नहीं हो सकते. इतने काँटे की टक्कर में यदि आप पाँच विकेट भी ले सकें तो लगता है कि कम ही है. अगर पूरा मैच जीता दें तो आप संतुष्ट हो सकते हैं."

हौसला

मैने उनसे पूछा कि कितने बुलंद हैं शब्बीर और उनकी टीम के हौसले?

 टीम की ये कोशिश होगी कि मुल्तान की ग़लतियों को दोहराया न जाए और इंशा-अल्लाह हम 'कम बैक' करेंगे
शब्बीर अहमद

उनका कहना था, "मुल्तान में हार के बाद पूरी जान लगा देंगे."

वे कहते हैं, "टीम की ये कोशिश होगी कि मुल्तान की ग़लतियों को दोहराया न जाए और इंशा-अल्लाह हम 'कम बैक' करेंगे."

जब शब्बीर से पूछा कि भारतीय खेमें के किस खिलाड़ी को आउट करके ज़्यादा ख़ुशी हुई तो शब्बीर बोले, "विरोधी खेमें के विकेट तो विकेट हैं. फिर चाहे ये विकेट युवराज का हो या फिर किसी और का, ये सब बराबर हैं."

शब्बीर अहमद इरफ़ान पठान की गेंदबाज़ी की तारीफ़ करते हैं.

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