BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 28 मार्च, 2004 को 22:43 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
सोहन हलवा का शहर मुल्तान

News image
मज़ारों का शहर भी है मुल्तान
सिन्धु नदी के तट से लगभग 35 किलोमीटर दूर बसा शहर मुल्तान दुनिया के प्राचीनतम शहरों में से एक है.

कहते हैं कि पिछले साढ़े चार हज़ार वर्षों से यह शहर एक ही स्थान पर बसा हुआ है.

सूती कपड़े और मीठे रसीले आमों का यह शहर मज़ारों का भी शहर है, ख़ास कर सूफ़ी सन्तों के मज़ारों का शहर.

वैसे तो सैंकड़ो मज़ार हैं यहाँ लेकिन सबसे अधिक संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ दो सन्तों के मज़ारों पर ज़ियारत करने आती है- बहाउद्दीन ज़करिया के मज़ार पर और उनके पोते शाह रुक्ने आलम के मज़ार पर.

दोनों मज़ार आसपास हैं और दोनों मज़ारों पर दक्षिण एशियाई वास्तुकला का प्रभाव है- सफेद गुम्बद और नीली चमकदार टाइल्स के साथ-साथ शीशे के टुकड़ों से सजी मीनार और दीवारें.

मैं जब इन मज़ारों की तरफ़ बढ़ा तो मेरे टैक्सी वाले ने कहा- साहब आप बहुत किस्मत वाले हैं, बहाउद्दीन ज़करिया के उर्स मुबारक़ के मौक़े पर आए हैं.

दुनिया भर से आए श्रद्धालुओं की भीड़ मज़ार की ओर बढ़ रही थी जिनमें से ज़्यादातर लोग पाकिस्तान के सिंध प्रांत थे और उनमें से अनेक हिन्दू धर्म के अनुयायी.

मस्ती में नाचते-गाते, बाजे-गाजे के साथ अपने पीर को चढ़ाने वाली चादर को फैलाए मज़ार की ओर बढ़ते लोगों को देखकर मेरे मन में वसुधैव कुटुम्बकम की भावना मूर्त रूप ले रही थी.

श्रद्धा, भक्ति, प्रेम और भाईचारे के प्रतीक सूफ़ियों का पड़ाव था मुल्तान शहर.

ईरान और दक्षिण एशिया से भारत आने वाले सूफ़ी सन्त मुल्तान में पहली बार डेरा डालते थे.

आज ज़ायरीन अपने मज़हबों को भूलकर ज़ियारत करने इस पवित्र शहर में जमा होते हैं.

बहाउद्दीन ज़िकरिया के मज़ार से सटा हुआ एक छोटा-सा मन्दिर भी था- प्रहलाद का मन्दिर, जिसके भग्नावशेष अब भी देखे जा सकते हैं.

News image
मुल्तान के बाज़ार मे मिठाइयाँ ख़ूब मिलती हैं

मुल्तान शहर के केंद्र में एक ऊँचे टीले पर बने इन मज़ारों से होता हुआ मैं पास के बाज़ार हुसैन अगाही पहुँचा और वहाँ पहुँचने पर पता चला कि मिठाईप्रेमियों के लिए बना सोहन हलवा मुल्तान की ही देन है.

यहाँ सबसे मशहूर मिठाई की दुकान का नाम है- रेवाड़ी स्वीट्स, जिसके मालिक रेवाड़ी से आकर मुल्तान में बस गए थे.

हुसैन अगाही बाज़ार के पास ही है चौक बाज़ार जहाँ कशीदाकारी वाले कपड़ों की भरमार है और साथ में है चूड़ियों का बाज़ार- चूड़ी सराय.

जहाँ भी गया, लोगों ने यह सुनते ही गले से लगा लिया कि मैं भारत से आया हूँ.

बाज़ार में रौनक बढ़ रही थी लेकिन मुझे भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों से मिलने उनके होटल पहुँचना था.

ख़ैर, कल आपको ले चलेंगे मुल्तान के किसी दूसरे हिस्सों में.

सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>