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शनिवार, 27 दिसंबर, 2003 को 21:29 GMT तक के समाचार
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रिकॉर्डों में : 2003 में एक दिवसीय क्रिकेट
विश्व कप के साथ रिकी पॉटिंग
ऑस्ट्रेलिया ने लगातार दूसरी बार विश्व कप पर क़ब्ज़ा जमाया

2003 में कई एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए और कई रिकॉर्ड बने. कई खिलाड़ियों ने नई बुलंदियाँ हासिल की तो इस श्रेणी में कुछ ऐसे खिलाड़ियों का भी नाम जुड़ा जिनसे उम्मीद तक नहीं थी.

लेकिन साल का सबसे बड़ा आकर्षण रहा विश्व कप. फरवरी-मार्च में दक्षिण अफ़्रीका में खेले गए विश्व कप में 14 टीमों ने हिस्सा लिया.

नामीबिया की टीम ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेली तो कनाडा की टीम ने लगभग 24 साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की.

कई जानी-मानी टीमों के कमज़ोर प्रदर्शन के कारण हालाँकि इस विश्व कप में उस स्तर का क्रिकेट तो नहीं देखने को मिला लेकिन फिर भी कई रोमांचक मुक़ाबले देखने को मिले.

फ़ाइनल मैच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को आसानी से हराकर लगातार दूसरी बार ख़िताब पर क़ब्ज़ा बनाए रखा.

ऑस्ट्रेलिया की टीम पूरे साल चैंपियन की तरह खेली. इस साल ऑस्ट्रेलिया ने 55 मैच खेले जिनमें से 30 जीते और सिर्फ़ पाँच में उसे हार का सामना करना पड़ा.

एक समय तो लगातार 20 मैचों में उन्होंने जीत हासिल की.

पाकिस्तान की टीम 33 मैचों में से 21 मैच जीतकर दूसरे नंबर पर रही. 28 में से 16 मैच जीतकर भारत का स्थान तीसरा रहा. जबकि 23 में से 13 मैच जीतकर दक्षिण अफ़्रीका की टीम चौथे नंबर पर रही.

इंग्लैंड ने 25 में से 13, श्रीलंका ने 26 में से 13, वेस्टइंडीज़ ने 21 में से 10, न्यूज़ीलैंड ने 29 में से 12, कीनिया ने 12 में से चार और ज़िम्बाब्वे ने 23 में से सात में जीत हासिल की.

नामीबिया की टीम विश्व कप में खेले अपने सभी छह मैच हार गई. हालैंड और कनाडा की टीमों ने छह में से पाँच मैचों में हार का सामना किया.

लेकिन साल के दौरान सबसे शर्मनाक प्रदर्शन रहा बांग्लादेश की टीम का जिसने मैच तो 21 खेले लेकिन किसी में भी उसे जीत का स्वाद चखने का मौक़ा नहीं मिला.

विश्व कप के अलावा इस साल छह और टूर्नामेंट खेले गए. साल के शुरू में ऑस्ट्रेलिया में वीबी सिरीज़ में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच संघर्ष का सिलसिला पिछले साल से आगे बढ़ा.

साल का आख़िरी टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया ने जीता

फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया का मुक़ाबला इंग्लैंड से हुआ और बेस्ट ऑफ़ थ्री के मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले दो फ़ाइनल जीतकर ख़िताब पर क़ब्ज़ा बनाए रखा.

विश्व कप के ठीक बाद शारजाह में पाकिस्तान, ज़िम्बाब्वे और श्रीलंका शारजाह कप के लिए भिड़े जिसमें सफलता पाई नए कप्तान राशिद लतीफ़ की अगुआई में पाकिस्तान ने.

बांग्लादेश में मेजबान बांग्लादेश, भारत, दक्षिण अफ़्रीका के बीच टीवीएस कप के लिए मुक़ाबला हुआ.

भारत और दक्षिण अफ़्रीका की टीमें फ़ाइनल में पहुँची, लेकिन फ़ाइनल मैच बारिश के कारण धुल गया और दोनों टीमें संयुक्त विजेता बनीं.

यह क्रिकेट के इतिहास में तीसरा अवसर था जब दो टीमों ने संयुक्त रूप से कोई टूर्नामेंट जीता.

पाकिस्तान, श्रीलंका और न्यूज़ीलैंड के बीच श्रीलंका में त्रिकोणीय प्रतियोगिता हुई.

फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड ने पाकिस्तान ने जीत दर्ज करने में सफलता पाई.

इसके बाद इंग्लैंड में नैटवेस्ट सिरीज़ में इंग्लैंड, दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे की टीमों का मुक़ाबला हुआ.

फ़ाइनल में इंग्लैंड ने एकतरफ़ा मुक़ाबले में दक्षिण अफ़्रीका को हराकर ख़िताब जीता.

इस साल का आख़िरी टूर्नामेंट भारत में खेला गया जिसमें हिस्सा लिया न्यूज़ीलैंड, मेजबान भारत और ऑस्ट्रेलिया ने.

लेकिन सफलता लगी विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के हाथ ही.

विश्व कप में बने रिकॉर्ड

ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ नामीबिया के लेन्नी लोउ ने 43 साल 263 दिन की उम्र में अपना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर शुरू कर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया.

सचिन विश्व कप में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए

एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ़ दो खिलाड़ियों हॉलैंड के नोलैंड क्लार्क (47 साल 240 दिन) और इंग्लैंड के नॉर्मन गिफ़र्ड (44 साल 359 दिन) ने ही लोउ से ज़्यादा उम्र में अपना पहला मैच खेला है.

हॉलैंड के ख़िलाफ़ मैच में सचिन तेंदुलकर ने विश्व कप के मैचों में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए.

तेंदुलकर ने पाकिस्तान के जावेद मियाँदाद को पीछे छोड़ा. मियाँदाद ने 33 मैचों में 1083 रन बनाए थे.

इसकी तुलना में तेंदुलकर ने सिर्फ़ 24वाँ विश्व कप मैच खेलते हुए नया रिकॉर्ड बनाया.

दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ मैच में न्यूज़ीलैंड के स्टीफ़ेन फ़्लेमिंग ने 134 रन की शानदार अविजित पारी खेली. अपनी इस पारी में फ़्लेमिंग ने 21 चौक्के जड़े.

यह विश्व कप की एक पारी में चौक्कों का नया रिकॉर्ड है.

चमिंडा वास ने अनोखे अंदाज़ में हैट्रिक ली

मज़ेदार बात यह है कि विश्व कप के एक मैच में सबसे ज़्यादा चौक्के लगाने का पिछला रिकॉर्ड इसी मैच में दक्षिण अफ़्रीका की पारी के दौरान बना था जब हर्शेल गिब्स ने 19 चौक्के लगाए थे.

कनाडा के जॉन डेविसन ने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक पारी खेली.

वेस्टइंडीज़ के सभी गेंदबाज़ों के छक्के छुड़ाते हुए डेविसन ने 30 गेंदों पर अपना अर्धशतक और 67 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया.

यह विश्व कप में बनाया गया सबसे तेज़ शतक है. इससे पहले वेस्ट इंडीज़ के क्लाइव लॉयड ने 1975 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 82 गेंदों पर शतक बनाया था.

इसी मैच में वेस्टइंडीज़ के सलामी बल्लेबाज़ वेवल हाइंड्स ने सिर्फ़ 24 गेंदों पर अपने 50 रन पूरे कर विश्व कप में सबसे तेज़ अर्धशतक का रिकॉर्ड अपने नाम करवा लिया.

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के टॉम मूडी ने 1999 में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ 28 गेंदों पर शतक बनाया था.

ब्रायन लारा ने सबसे तेज़ अर्धशतक पूरा किया

बहरहाल हाइंड्स का रिकॉर्ड कुछ ही समय बाद ब्रायन लारा ने सिर्फ़ 23 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा कर तोड़ दिया.

इसी मैच में वेस्टइंडीज़ ने अपने 150 रन सिर्फ़ 14.1 ओवर और 200 रन सिर्फ़ 19.5 ओवर में पूरे कर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज़ 150 रन और 200 रन का नया रिकॉर्ड भी बना डाला.

नामीबिया के ख़िलाफ़ मैच में ऑस्ट्रेलिया के डेरेन लीमैन ने रूडीवान वूरेन के एक ओवर में 28 रन बनाकर विश्व कप के एक ओवर में सर्वाधिक रन का नया रिकॉर्ड बना दिया.

इससे पहले इसी विश्व कप में ब्रायन लारा ने कनाडा के बैरी सीबरन के एक ओवर में 26 रन बनाए थे.

धुँआधार बल्लेबाज़ी के जिक्र में कनाडा के ईश्वर मराज़ की बात करना भी ज़रूरी है जिन्होंने धीमी बल्लेबाज़ी का नया रिकॉर्ड बनाया.

दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ मैच में मराज़ पारी की शुरुआत कर अंत तक आउट नहीं हुए. इस दौरान उन्होंने सिर्फ़ 54 रन बनाए.

विश्व कप में 50 विकेट का रिकॉर्ड अकरम के नाम

अपने अर्धशतक के लिए उन्होंने 148 गेंदे खेली. यह एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास का सबसे धीमा अर्धशतक था.

इससे पहले पाकिस्तान के जावेद मियाँदाद ने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ 1988-89 में पर्थ में 143 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया था.

बांग्लादेश के ख़िलाफ़ मैच में श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ चमिंडा वास ने मैच की पहली तीन गेंदों पर तीन विकेट चटकाकर अपनी हैट्रिक पूरी की.

विश्व कप में हैट्रिक बनाने वाले वास भारत के चेतन शर्मा और पाकिस्तान के सक़लेन मुश्ताक़ के बाद तीसरे गेंदबाज़ बने.

बहरहाल मैच की पहली तीनों गेंदों पर विकेट लेकर हैट्रिक बनाने का कमाल इससे पहले कभी देखने को नहीं मिला.

पाकिस्तान के वसीम अकरम ने नामीबिया के ख़िलाफ़ मैच में मैल्टवान स्कूर का विकेट हासिल कर विश्व कप में अपने 50 विकेट पूरे किए.

यह रिकॉर्ड बनाने वाले अकरम विश्व कप में पहले गेंदबाज़ बने.

नेहरा ने विश्व कप में किसी भी भारतीय गेंदबाज़ द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का रिकॉर्ड बनाया

यह मैच वसीम अकरम के लिए एक और उपलब्धि लेकर आया. विश्व कप में अकरम का यह 34वाँ मैच था और वह सबसे ज़्यादा विश्व कप मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए.

इससे पहले यह रिकॉर्ड 33 मैचों के साथ पाकिस्तान के ही जावेद मियाँदाद और ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ के नाम पर संयुक्त रूप से था.

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच में भारत के आशीष नेहरा ने सिर्फ़ 33 रन देकर छह विकेट लिए. यह विश्व कप में किसी भी भारतीय गेंदबाज़ का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था.

सभी एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत के लिए सिर्फ़ एक प्रदर्शन इससे बेहतर हुआ है.

1993-94 में हीरो कप के फ़ाइनल में अनिल कुंबले ने 12 रन देकर छह विकेट लिए थे.

ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैकग्रा ने नामीबिया के ख़िलाफ़ मैच में विश्व कप के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी प्रदर्शन का रिकॉर्ड अपने नाम लिखवा लिया.

मैकग्रा विश्व कप का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया

उन्होंने सिर्फ़ 15 रन देकर सात विकेट लिए. इससे पहले वेस्टइंडीज़ के विंस्टन डेविस ने 1983 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 51 रन देकर सात विकेट लिए थे.

इस मैच में मैकग्रा की घातक गेंदबाज़ी गेंदबाज़ी के सामने नामीबिया की पूरी टीम सिर्फ़ 14 ओवर में 45 रन बनाकर आउट हो गई.

यह एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी टीम की सबसे छोटी पारी है. इससे पहले यह रिकॉर्ड ज़िम्बाब्वे के नाम पर था.

2001-02 में कोलंबो में श्रीलंका के ख़िलाफ़ ज़िम्बाब्वे की पारी सिर्फ़ 15.4 ओवर में सिमट गई.

नामीबिया के ख़िलाफ़ मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 256 रनों के अंतर से जीत दर्ज की. यह एक दिवसीय क्रिकेट में रनों से अंतर से किसी भी टीम की सबसे बड़ी जीत रही.

इससे पहले श्रीलंका ने भारत को 1999-2000 में शारजाह में 245 रनों से मात दी थी.

गिलक्रिस्ट ने विश्व कप में छह शिकार बनाकर नया रिकॉर्ड बनाया

इसी मैच में ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट ने छह खिलाड़ियों को विकेट के पीछे अपना शिकार बनाकर नया विश्व कप रिकॉर्ड बना दिया.

इससे पहले यह रिकॉर्ड पाँच शिकारों का था, जो पाँच अवसरों पर देखने को मिला था.

श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच में कनाडा की टीम सिर्फ़ 36 रनों पर ढेर हो गई.

यह एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में किसी भी टीम का सबसे कम स्कोर है.

इससे पहले ज़िम्बाब्वे ने 2001-02 में श्रीलंका के ही विरुद्ध कोलंबो में 38 रन बनाए थे.

कनाडा की एक पारी की एक ख़ास बात यह रही कि न तो बल्लेबाज़ और न ही अतिरिक्त रन ही दो अंकों में पहुँच पाए.

एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह इस तरह का पहला अवसर था.

कीनिया के ख़िलाफ़ मैच में ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट ली ने अपनी हैट्रिक पूरी की. ली विश्व कप में यह रिकॉर्ड बनाने वाले चौथे खिलाड़ी बने.

विश्व कप के फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए 50 ओवर में दो विकेट पर 359 रन बनाए जो विश्व कप ही नहीं बल्कि किसी भी टूर्नामेंट के फ़ाइनल में एक टीम द्वारा बनाया गया सर्वाधिक स्कोर है.

इससे पहले श्रीलंका ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 1996-97 में मोहाली में इंडिपेंडेंस कप के पहले फ़ाइनल में चार विकेट पर 339 रन बनाए थे.

125 रन की जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप भी जीत लिया और वेस्टइंडीज़ के बाद दो लगातार बार विश्व कप जीतने का रिकॉर्ड बनाया.

व्यक्तिगत रिकॉर्ड

इस साल सचिन तेंदुलकर ने एक दिवसीय मैचों में अपने 12 हज़ार रन पूरे किए. यह रिकॉर्ड तेंदुलकर ने विश्व कप में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बनाया.

मुरलीधरन वनडे में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले स्पिनर

12 हज़ार रन तक पहुँचने वाले तेंदुलकर विश्व के पहले बल्लेबाज़ बने.

श्रीलंका के अरविंद डी सिल्वा और सनत जयसूर्या और पाकिस्तान के इंज़माम-उल-हक़ ने अपने नौ हज़ार रन पूरे किए.

वेस्टइंडीज़ के ब्रायन लारा ने आठ हज़ार रन पूरे किए तो ज़िम्बाब्वे के ग्रांट फ़्लावर, ऑस्ट्रेलिया के माइकल बेवन और रिकी पॉटिंग, श्रीलंका के मरवन अटापट्टू और दक्षिण अफ़्रीका के जैक कैलिस ने अपने छह हज़ार रन पूरे किए.

पाँच हज़ार रन पूरे किए पाकिस्तान के युसूफ़ योहाना ने.

गेंदबाज़ी में पाकिस्तान के वसीम अकरम 500 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज़ बन गए.

श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन और भारत के जवागल श्रीनाथ ने साल के दौरान अपने 300 विकेट पूरे किए.

इंज़माम ने इस साल अपने नौ हज़ार रन पूरे किए

मुरलीधरन अनिल कुंबले को पीछे छोड़ते हुए एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले स्पिनर बन गए.

श्रीलंका के सनत जयसूर्या ने 250 और ज़िम्बाब्वे के हीथ स्ट्रीक ने अपने 200 विकेट पूरे किए.

पाकिस्तान के शोएब अख़्तर ने 150 विकेट की मंज़िल हासिल की. 100 विकेट तो कई गेंदबाज़ों ने हासिल किए- ब्रेट ली, मर्विन डिल्लन, अरविंद डी सिल्वा, ज़हीर ख़ान, मखाया एंटिनी, हरभजन सिंह, डेनिलय वेटोरी और उपुल चंडाना.

ब्रेट ली ने सिर्फ़ 55 मैचों में अपने 100 विकेट पूरे किए और वे एक दिवसीय मैचों में 100 विकेट लेने वाले दूसरे सबसे तेज़ गेंदबाज़ बने.

इसके उलट अरविंद डी सिल्वा ने 303 मैचों के साथ सबसे ज़्यादा मैचों में 100 विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया.

साल के दौरान तीन हैट्रिक देखने को मिले. दो हैट्रिक तो विश्व कप में बने. जबकि तीसरी हैट्रिक बनाई इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़.

शोएब अख़्तर ने वनडे में अपने 150 विकेट पूरे किए

एंडरसन हैट्रिक बनाने वाले इंग्लैंड के पहले गेंदबाज़ बने.

भारत के जवागल श्रीनाथ ने गेंदबाज़ी में एक विश्व रिकॉर्ड बनाया जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया.

न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ में श्रीनाथ ने 18 विकेट लिए. यह दो देशों के बीच किसी भी सिरीज़ में एक गेंदबाज़ द्वारा लिए गए सर्वाधिक विकेटों की संख्या है.

ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट 250 शिकार बनाने वाले एक दिवसीय क्रिकेट में सिर्फ़ दूसरे विकेटकीपर बने.

गिलक्रिस्ट से पहले सिर्फ़ पाकिस्तान के मोइन ख़ान के नाम पर यह रिकॉर्ड था.

न्यूज़ीलैंड के विकेटकीपर ब्रायन मैककुलम ने साल के पहले ही मैच में भारत के पाँच बल्लेबाज़ों को अपना शिकार कर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया.

यह लगातार दूसरा मैच था जिसमें मैककुलम ने विकेट के पीछे पाँच शिकार बनाए.

श्रीनाथ ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ में नया रिकॉर्ड बनाया

दो लगातार मैचों में पाँच बल्लेबाज़ों को शिकार बनाने वाले वे पहले विकेट कीपर बने.

न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ में भारत की ओर से पार्थिव पटेल ने अपने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की.

17 साल 301 दिन की उम्र में पार्थिव पटेल एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के विकेटकीपर बने.

ऑस्ट्रेलिया में वीबी सिरीज़ के दौरान इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच में एडम गिलक्रिस्ट ने छह बल्लेबाज़ों को अपना शिकार बनाया और फिर आउट हुए 69 रनों की धुँआधार पारी खेली.

यह एक दिवसीय क्रिकेट में किसी भी विकेटकीपर का सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंड प्रदर्शन था.

अपनी इस पारी के दौरान गिलक्रिस्ट ने एंड्रयू कैडिक के एक ओवर में पाँच चौक्के जड़े.

इसके बाद एंडरसन की अगली दो गेंदों पर चौक्के जड़कर गिलक्रिस्ट ने आठ गेंदों में सात चौक्कों का अनोखा रिकॉर्ड बनाया.

वनडे खेलने वाले सबसे कम उम्र के विकेटकीपर

फ़ील्डिंग के मामले में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड श्रीलंका के सनत जयसूर्या ने बनाया.

वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ तीन मैचों की सिरीज़ के पहले मैच में रिडले जैकॉब्स का कैच लपककर जयसूर्या ने एक दिवसीय क्रिकेट में अपने 100 कैच पूरे किए.

यह रिकॉर्ड बनाने वाले वे विश्व के सिर्फ़ नौंवें खिलाड़ी बने.

अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्डों में जयसूर्या के ही कप्तान के तौर पर चार हज़ार रन पूरा करना प्रमुख रहा.

यह रिकॉर्ड बनाकर जयसूर्या अर्जुन रणतुंगा (5606 रन), मोहम्मद अज़हरुद्दीन (5239 रन), एलन बॉर्डर (4439 रन) और हैंसी क्रोनिए (4070 रन) के बाद पाँचवें कप्तान बने.

जयसूर्या और कालूवितर्णा की सलामी जोड़ी ने साथ-साथ खेलते हुए पहले विकेट के लिए तीन हज़ार रन जोड़ने का रिकॉर्ड बना दिया.

यह रिकॉर्ड बनाने वाली यह सिर्फ़ छठी जोड़ी बनी.

जयसूर्या के नाम भी कई रिकॉर्ड बने

जयसूर्या पहले ऐसे खिलाड़ी बने, जो दो बार यह रिकॉर्ड बनाने में शामिल रहे. इसके पहले जयसूर्या ने अटापट्टू के साथ भी यह रिकॉर्ड बनाया था.

ढाका में टीवीएस कप के दौरान भारत ने बांग्लादेश को 200 रन से हराने के बाद अगले ही मैच में दक्षिण अफ़्रीका को 153 रनों से पटखनी दे दी.

भारत दो लगातार मैचों में 150 या उससे ज़्यादा के अंतर से जीत हासिल करने वाला एक दिवसीय मैचों में सिर्फ़ दूसरा देश बना.

इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम था.

एक अनोखा रिकॉर्ड वेस्टइंडीज़ और ऑस्ट्रेलिया के बीच सात मैचों की सिरीज़ के आख़िरी मैच में देखने को मिला.

इस मैच में ब्रायन लारा ने डेरेन लीमैन की तीन लगातार गेंदों पर शतक जड़कर वेस्टइंडीज़ को मैच जिता दिया.

इससे पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह रिकॉर्ड नहीं बना था.

फ़्लिंटॉफ़ के नाम भी एक ख़ास रिकॉर्ड रहा

इंग्लैंड के एंड्रयू फ़्लिटॉफ़ और पाकिस्तान के इमरान फ़रहत उन गिने-चुने खिलाड़ियों में शामिल हो गए जिनके नाम पर तीन लगातार मैचों में मैन ऑफ़ द मैच का पुरस्कार जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है.

फ़्लिटॉफ़ ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ सिरीज़ में और इमरान फ़रहत ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ के दौरान यह रिकॉर्ड बनाया.

न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मैच में पाकिस्तान की सलामी जोड़ी इमरान फ़रहत और यासिर हमीद ने चार लगातार मैचों में शतकीय साझेदारी निभाई और ऐसा करने वाली विश्व की पहली जोड़ी बन गई.

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